आचार्य महेन्द्र सागर पहुंचे पाश्र्व लब्धि धाम

16 को त्यागराज नगर में होगा चातुर्मासिक प्रवेश

By: Yogesh Sharma

Updated: 03 Jul 2021, 09:50 AM IST

बेंगलूरु. आचार्य महेन्द्र सागर सूरी आदि ठाणा चार विहार करते हुए शुक्रवार को बेंगलूरु के पाश्र्व लब्धि धाम पहुंचे। वे शनिवार को यहां से विहार कर टी. दासरहल्ली पहुंचेंगे। रविवार को उनका प्रवास यशवंतपुर में होगा। आचार्य के साथ मुनि राज पद्मसागर सूरी, मुनि मेरुपद्मसागर सूरी व मुनि अर्हम पद्मसागर सूरी भी हैं। मुनि राजपद्मसागर ने बताया कि उनके चातुर्मास त्यागराज नगर में होगा। इसके लिए चातुर्मासिक प्रवेश 16 जुलाई को सुबह होगा।

साध्वी राजमती चित्रदुर्गा पहुंचीं
यशवंतपुर में होगा चातुर्मास
बेंगलूरु. यशवंतपुर संघ से सहमंत्री किशोर सिंघी, नवयुवक मंडल के मुकेश कटारिया, महिला मंडल अध्यक्ष मनोहरीबाई कटारिया, मंत्री कंचनबोहरा, जयश्री सिंघी, बहु मंडल मंत्री सरला बोहरा, कोषाध्यक्ष पिंकी संचेती ने चित्रदुर्गा में साध्वी राजमति के दर्शन किए। साध्वी कल चित्रदुर्गा से बेंगलूरु के लिए विहार करेंगी। साध्वी का चातुर्मास प्रवेश यशवंतपुर स्थानक में 18 जुलाई को होगा।

विनम्रता हर एक को मोहित करती है-लाभरुचि
बेंगलूरु. संत लाभरुचि ने कहा शिष्टाचार हमारे जीवन का अनिवार्य अंग है। विनम्रता, सहजता से वार्तालाप तथा मुस्कुराकर जवाब देने की कला प्रत्येक व्यक्ति को मोहित कर लेती है। वे गुरुवार को विजयनगर में पाइपलाइन क्षेत्र में एक भक्त के यहां आयोजित धर्मसभा को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर संत ने कहा कि जो व्यक्ति शिष्टाचार से पेश आते हैं बड़ी-बड़ी डिग्रीयां ना होने पर भी अपने-अपने क्षेत्र में पहचान बना लेते हैं। प्रत्येक व्यक्ति दूसरे शख्स से शिष्टाचार और विनम्रता की आकांक्षा रखता है। शिष्टाचार का पालन करने वाला व्यक्ति स्वच्छ, निर्मल और दुर्गुणों से परे होता है। उन्होंने कहा शिष्टाचारी व्यक्ति आध्यात्म के मार्ग पर चलने वाला होता है।

Yogesh Sharma Reporting
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