उम्र बढ़ रही, जिंदगी घटती जा रही

हलसूर स्थानक में धर्मसभा

By: Yogesh Sharma

Published: 03 Dec 2019, 06:19 PM IST

बेंगलूरु. हलसूर जैन स्थानक में विराजित साध्वी प्रतिभाश्री ने कहा कि जो करना है आज कर ले, कल आए ना आए। कल पर जो छोड़े उसके होते काम न पूरे, कहते हैं कि रावण के कई काम हैं अधूरे।
उम्र बढ़ रही है किंतु जिंदगी घटती जा रही है। अत: हमें समय की अमूल्य संपदा को नष्ट नहीं करना चाहिए। जो आलसी व्यक्ति होता है वह सोचता है कि आज नहीं जो कार्य करना है कल पर डाल देता है। कल के भरोसे व्यक्ति बैठा रह जाता है और आलसी व्यक्ति अपनी जिम्मेदारियों को नहीं निभा पाता है। जो खाली बैठता है उस पर बीमारियां आकर बैठ जाती हंै किस्मत उससे रूठ जाती है। तनाव और दुर्घटना के इस युग में आने वाला कल पहले आएगा या अगला जन्म इसकी भविष्यवाणी करना आसान नहीं है। जीवन का नाम है निरंतर आगे बढऩा और सतत विकसित होना। जीवन का एक-एक क्षण कितना मूल्यवान है और उसका मूल्यांकन करते हुए सदुपयोग करना चाहिए तुम आराम तलब मन कुछ भी करने नहीं देता। जीवन जितना शेष है उसे आपके मार्गदर्शन से विशेष बनाना चाहता हूं, व्यक्ति सोचता है, कीमती जीवन के हर पल का सदुपयोग करने की मेरी तमन्ना है। इसके लिए मुझे क्या करना होगा? साध्वी दीक्षिताश्री ने भी उद्बोधन दिया। धर्मसभा का संचालन संघ के मंत्री चन्द्रप्रकाश मूथा ने किया।

Yogesh Sharma Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned