कृषि मेला : इजराइल कृषि प्रणाली आकर्षण का केंद्र

मेले मे आयोजित संगोष्ठी में कृषिविद् किसानों के साथ संवाद कर इस कृषि प्रणाली को अपनाने के लिए प्रेरीत करेंगे।

By: Ram Naresh Gautam

Published: 15 Nov 2018, 06:04 PM IST

बेंगलूरु. राज्यपाल वजू भाई वाळा ने चार दिवसीय कृषि मेले का उद्घाटन गुरुवार को यहां गांधी कृषि विज्ञान केंद्र में किया । 18 नवंबर तक चलने वाले इस मेले का आयोजन कृषि विश्वविद्यालय कर रहा है।

इस बार कृषि मेले में इजराइल कृषि प्रणाली किसानों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगी। मेले में इस पर किसानों के साथ संवाद ही इसके बारे में प्रस्तुति भी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री एच.डी.कुमारस्वामी ने वर्ष 2018 -19 के बजट में राज्य के सूखे जिलों में इजराइल कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अनुदान का आवंटन किया है। मेले मे आयोजित संगोष्ठी में कृषिविद् किसानों के साथ संवाद कर इस कृषि प्रणाली को अपनाने के लिए प्रेरीत करेंगे।

मेले में इस बार रागी के नए किस्म के बीज रागी केएमआर 6 30 जारी किए जाएंगे। सिंचाई सुविधा होने पर इस किस्म की रागी का प्रति एकड़ 18 से 20 क्विंटल उत्पादन संभव है।

इसके अलावा प्रति एकड़ 10.14 क्विंटाल उत्पादन की क्षमतावाले सूर्यफूल (सनफ्लावर) की केबीएसएच-78 किस्म जारी की जाएगी।

विधान पार्षद प्रतापचंद्र शेट्टी, मुख्य सचिव टीएम विजय भास्कर, विकास आयुक्त डॉ.वंदिता शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) आइएसएन प्रसाद, कृषि एवं बागवानी विभाग के सचिव एम. महेश्वर राव, कृषि आयुक्त डॉ. के. जी जगदीश, कृषि विवि व्यवस्थापन बोर्ड के सदस्य डॉ. पी. एस. पांडे, ए. श्रीनवासय्या, वी. सुब्रमणि, प्रो. शकुंतला श्रीधर, और अन्य सदस्य भाग लेंगे। दोपहर में जल संसाधन मंत्री डीके शिवकुमार पुरस्कार वितरित करेंगे।

मुख्य अतिथि के रूप में सांसद आर. ध्रुवनारायण, एस.पी. मुद्देहनुमे गौड़़ा. डी.के.सुरेश, महापौर गंगाम्बिका मल्लिकार्जुन, बेंगलूरु शहरी जिला पंचायत के अध्यक्ष सी.मुनिराजू, प्रदेश किसान संघ के अध्यक्ष कोडिहल्ली चंद्रशेखर, प्रदेश गन्ना उत्पादक संघ के अध्यक्ष कुरुबूर शांता कुमार, और कर्नाटक कृषि समाज के अध्यक्ष बसनगौड़ा पाटिल भाग लेंगे।

शनिवार के कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़़ा, केंद्रीय मंत्री डी. वी. सदानंद गौड़ा, सहकारिता मंत्री बंडप्पा काशमपुर, सांसद के.एच.मुनियप्पा, पार्षद पी. वी. मंजुनाथ भाग लेेंगे।

मेले में इस बार आठ से दस लाख किसान और नागरिक भाग लेने की संभावना है। १५० स्टाल लगाए जाएंगे। मेले में प्रदेश के कृषि विश्व विद्यालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के संस्थान, कृषि विभाग, बागवानी विभाग, जल ग्रहण विकास विभाग, रेशम विभाग, वन विभाग, पशु पालन, मछली पालन, कृषि विपणन, महिला एवं बाल विकास विभाग, दूध महासंघ, वित्त संस्थानें और कृषि मशीन उत्पानन कंपनियां भाग लेंगी। कई कृषि वस्तुओं, मशीनों और उपकरणों की प्रदर्शनी होगी।

उन्होंने कहा कि मेले में हाल में अष्किार किगए विभिन्न प्रजाति की फसलों की प्रदर्शनी, खुश्क खेती के लिए उचित फसल पद्धति, जल ग्रहण निगरानी, समग्र खेती का विकास, नई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल और तरीका तथा अन्य कई प्रमुख विषयों की जानकारी दी जाएगी।

विज्ञानी और किसान अपने अनुभव सांझा करने के साथ ही एक दूसरे से संवाद भी करेंगे। कृषि, बागवानी, रेशम, पशुपालन, मछली पालन और अन्य क्षेत्रों में उपलब्धियां प्राप्त महिला किसान और पुरुष किसानों को पांच प्रकार के राज्य स्तर के पुरस्कार दिए जाएंगे। पुरस्कार में नकद राशि, ट्रॉफी और प्रमाण पत्र होगा।

कृषि विवि के अनुसंधान निदेशक डॉ.वाई.जी.षडाक्षरी और विस्तारण निदेशक एम.एस.नटराज उपस्थित थे।

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