अलसूर झील बनेगा अब पर्यटन स्थल

अलसूर झील बनेगा अब पर्यटन स्थल

Rajendra Shekhar Vyas | Publish: Sep, 04 2018 09:29:57 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

उपमुख्यमंत्री परमेश्वर बोले झील विकास के लिए बनेगी कार्य योजना

विधायकों व सांसदों के साथ लिया विकास कार्यों का जायजा
बेंगलूरु. उप मुख्यमंत्री डॉ. परमेश्वर ने कहा कि अलसूरु झील को शीघ्र एक पर्यटक स्थल का दर्जा देकर इसके विकास के लिए कार्य योजना बनेगी। उन्होंने सोमवार दोपहर इस झील का निरीक्षण करने के बाद इस झील में फैली गन्दगी को लेकर बृृहद बेंगलूरु पालिका (बीबीएमपी) और बेंगलूरु जल आपूर्ति एवं मल जल निस्तारण बोर्ड (बीडब्ल्यूएसएसबी) के अधिकारियो को आड़े हाथों लिया।


उन्होंने कहा कि अलसूर झील को पर्यटन विभाग ने अधिकार क्षेत्र में लिया है, लेकिन यहां आने वाले पर्यटकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में विफल रहा है। झीलों के विकास के लिए सरकार और पालिका से अनुदान दिया जाता है। फिर भी झील खस्ता हालत में है। यहां नौकायन की सुविधा होने के बावजूद किश्तियां खराब खड़ी हैं। अलसूर, बानसवाड़ी, लिंगराजपुरम, शिवाजीनगर, मकान रोड, होयसला नगर और आसपास के कई इलाकों के नालों का पानी इसमें समा रहा है, इसे अविलंब रोका जाएगा।


उन्होंने कहा कि बीबीएमपी ने झील में जा रहे गंदे पानी का रास्ता अलग नहीं किया तो पालिका और बीडब्ल्यूएसएसबी जल बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। सात साल पहले 40 करोड़ रुपए खर्च कर झील का पानी खाली कर गाद निकाला गया था। इससे झील में हमेशा पानी रहता है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष झील के पानी में गंदा पानी शामिल होने से हजारों मछलियां मर गई थीं। इसलिए झील के किनारे गणेश मूतियों के विसर्जन के लिए अलग टैंक निर्मित किया गया है। अब इसी टैंक में मूर्तियों को विसर्जन करना होगा।


झील के चारों तरफ सुबह और शाम की सेर के लिए पथ बनाया गया था। इस टै्रक पर ठेला गाडिय़ों के व्यापारियों ने कब्जा कर रखा है। इस अतिक्रमण को हटा कर झील के चारों तरफ बाड़ लगाई जाएगी।
उन्होंने बताया बीडब्ल्यूएसएसबी द्वारा 1,209 करोड़ रुपए खर्च कर 440 मिलियन लीटर क्षमता के 4 मलजल प्रसंस्करण इकाई (एसटीपी) का निर्माण मई 2020 तक पूरा किया जाना है। इसके अलावा अमृत योजना के तहत 75 मिलियन लीटर क्षमता के 5 एसटीपी को 129 करोड़ रुपए के लागत से स्थापित किया जाएगा। बेंगलूरु में 1,572 मिलियन लीटर क्षमता के एसटीपी को साल 2020 तक स्थापित करने के साथ ही सभी जलाशयों को प्रदूषण मुक्त किया जाएगा। अमृत योजना में ग्यारह परियोजानाओं समेत एसटीपी, पानी की आपूर्ति के नेटवर्क का विस्तार, मल जल और पानी के पाइप लेन को स्थापित करने के लिए कुल 800 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री ने इंदिरा नगर के बेंगलूरु विकास प्राधिकरण काम्प्लेक्स, जीवन बीमा नगर, तिप्पासन्द्र, मर्फी टाउन, इंदिरा गाधी झोपड़ पट्टी क्षेत्र और अन्य आसपास के क्षेत्रों का दौरा कर वहां के लोगों की समस्याओं का अवलोकन किया। हाल में हुए बारिश के कारण कई सड़कों पर गड्ढे हुए हैं, जिन्हें माह के अंत तक भरा जाएगा। गड्ढे बंद करने में विफल रहे ठेकेदारों पर जुर्माना लगाकर 10 करोड़ रुपए संग्रहित किए गए हैं।


अब सड़क बनाने वाले ठेकेदारों पर पांच साल तक गड्ढे भरने की जिम्मेदारी होगी। इस तरह के नए नियम निविदाओं में शामिल किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पालिका के सामने परिवहन कर लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। पहले से ही लोग संपत्ति कर, विकास कर और रखरखाव कर का भुगतान कर रहे हैं। अब परिवहन कर का नागरिकों पर नया बोझ डालना नहीं चाहता। इस दौरान परमेश्वर ने नागरिकों की समस्याएं सुनी और समाधान का आश्वासन दिया। हलसूर में श्मशान घाट के पास फ्लाई ओवर निर्मित करने का फैसला लिया है।

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