किसी की श्रेष्ठता का विश्लेषण करें: देवेंद्रसागर

राजाजीनगर में प्रवचन

By: Santosh kumar Pandey

Updated: 07 Sep 2020, 10:02 PM IST

बेंंगलूरु. हम हमेशा उनसे प्रभावित होते हैं, जो हमसे अलग और श्रेष्ठ हैं। उनकी श्रेष्ठता हमेशा प्रशंसा के योग्य होती है। हम कभी गौर नहीं करते कि जो श्रेष्ठ है, भला वह क्यों श्रेष्ठ है। एक ही धरती पर, एक ही जैसा भोजन खाकर, एक ही जैसी परवरिश पाकर एक इंसान श्रेष्ठ हो जाता है और दूसरे लोग उसके पीछे चलते हैं, यह कैसे संभव है।

हमें सोचना चाहिए कि साधारण और असाधारण प्रतिभा कैसे बनती है, कैसे कोई श्रेष्ठ हो जाता है और कोई रुका हुआ रह जाता है।

यह बात आचार्य देवेंद्रसागर सूरी ने धर्म प्रवचन में कही। उन्होंने कहा कि यह पूरा गणित है, डेटा और उसके एनालिसिस का गणित। हमारे इर्द-गिर्द तीन तरह के लोग होते हैं। एक वह है, जो जीवन जीता हुआ चला जाता है।

दूसरा, जीवन जीने में जितनी भी चीजें उसने महसूस की हैं, उसका डाटा इक_ा करते चलता है। तीसरा वह जो इस डाटा का एनालिसिस करके अपने को नया रास्ता देता है। तीसरा व्यक्ति ही श्रेष्ठ होता है। यह कंप्यूटर युग की भाषा है, इससे हमें समझना आसान हो जाएगा कि कोई क्यों हमसे अधिक योग्य और श्रेष्ठ है।

आचार्य ने कहा कि जब भी कोई अपने इर्द-गिर्द का डाटा इक_ा करता है और उसका एनालिसिस करता है, वह श्रेष्ठ तो हो ही जाता है। वह न सिर्फ इन बातों को समझना चाहेगा, बल्कि इस पर काम करेगा और ऊंचाई पाएगा।

Santosh kumar Pandey Desk
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