नाराज जारकीहोली बंधुओं ने बढ़़ाई कर्नाटक में गठबंधन सरकार की मुश्किलें

नाराज जारकीहोली बंधुओं ने बढ़़ाई कर्नाटक में गठबंधन सरकार की मुश्किलें

arun Kumar | Publish: Sep, 13 2018 12:47:24 AM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

बेलगावी जिले के मामले में शिवकुमार के दखल से खफा हैं जारकीहोली

बेंगलूरु. कांग्रेस में विधायकों की नाराजगी सुलझती नहीं दिख रही है। अगले सप्ताह प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार से पहले की जाकरीहोली बंधुओं के तीखे तेवरों के कारण कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि एक दर्जन से ज्यादा कांग्रेस विधायक मंत्री रमेश जारकीहोली और उनके भाई सतीश जारकीहोली के संपर्क में हैं। बेलगावी जिले के राजनीतिक मामलों में जल संसाधन मंत्री डी के शिवकुमार के दखल से नाराज जारकीहोली बंधु अपनी मांगें मंगवाने की हठ पर अड़े हैं। ये अपने समर्थकों के लिए मंत्री पद के साथ ही प्रदेश संगठन में महत्वपूर्ण पद चाहते हैं। जारकीहोली बंधुओं की नाराजगी को भुनाने की कोशिश भाजपा भी कर रही है। सियासी गलियारों में ऑपरेशन कमल की चर्चा एक बार फिर से हो रही है। सतीश ने कहा कि १५ दिन में राज्य की राजनीतिक तस्वीर बदल सकती है। वे पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या के विदेश प्रवास से लौटने पर अगले कदम के बारे में निर्णय लेंगे।

सरकार गिरी तो भाजपा जिम्मेदार नहीं : शोभा
भाजपा की सांसद शोभा करंदलाजे ने कहा कि राज्य में सत्तारूढ़ जद-एस और कांग्रेस गठबंधन सरकार यदि गिर जाती है तो इसके लिए भाजपा जिम्मेदार नहीं होगी। उन्होंने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा के पास केवल 104 विधायक हैं लिहाजा पार्टी के पास सरकार बनाने के लिए बहुमत नहीं है। लेकिन यदि आने वाले दिनों में आपसी संघर्ष व गुटबाजी के कारण कांग्रेस के कुछ विधायक इस्तीफा देते हैं तो यह उनकी समस्या है और भाजपा का उससे कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार के पतन का समय निकट आ रहा है और उनके अंदरुनी कलह के कारण ही सरकार गिरेगी। भाजपा के पांच विधायकों के पार्टी छोडऩे के संबंध में मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के बयान पर प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी 104 विधायक एकजुट हैं। हम ऐसी कोशिशों के आगे नहीं झुकेंगे।

भाजपा में शामिल होने का सवाल ही नहीं: रमेश

बेंगलूरु. स्थानीय निकाय प्रशासन एवं बंदरगाह मंत्री रमेश जारकीहोली ने कहा कि उनके और अन्य समर्थकों विधायकों के भाजपा में शामिल होने का सवाल ही नहीं है। हम बेलगावी जिले की राजनीति में किसी को हस्तक्षेप करने का अवसर नहीं देंगे।
उन्होंने मंगलवार को अपने निवास पर कहा कि जल संसाधन और चिकित्सा शिक्षा मंत्री डी.के. शिवकुमार जानबूझ कर बेलगावी की राजनीति में हस्तक्षेप करने लगे हैं। सबसे पहले उन्हें अपने खिलाफ चल रहे मामलों पर ध्यान देने की जरूरत है। अगर आलाकमान ने अनावश्यक हस्तक्षेप करने से नहीं रोका तो स्थितियां पार्टी के विपरीत हो सकती हैं। हमें १४ से अधिक विधायकों का समर्थन प्राप्त है, राजनीति में अपनी ताकत का प्रदर्शन करना हम अच्छी तरह से जानते हैं। फिलहाल हमारा इरादा गठबंधन सरकार को गिराने का नहीं है। हमें और समर्थक विधायकों को भाजपा के आदर्श और सिद्धांत बिलकुल पसन्द नहीं हैं। दूसरी तरफ उनके क्षेत्र के मतदाताओं ने अपना कीमती वोट देकर उनका चयन किया है। वे मतदाताओं को धोखा देकर वे अकेले कोई फैसला नहीं ले सकते।
झूठ बोलने में माहिर हैं भाजपा नेता
उन्होंने कहा कि उनसे सरकार को कोई खतरा नहीं है। भाजपा के नेता हमेशा झूठ बोलने में माहिर हंै। कोई भी विधायक भाजपा नहीं नहीं जाएगा। भाजपा के विधायक ही कांग्रेस में शामिल होने के लिए बेताब हैं। कई विधायकों ने उनसे संपर्क किया है। सिद्धरामय्या लौटने के बाद चर्चा कर अंतिम फैसला लिया जाएगा। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि बेलगावी पीएलडी बैंक के चुनाव में उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है। लक्ष्मी हेब्ब ालकर को प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाना हेगा और उनकी टीम के किसी भी सदस्य को कोई पद नहीं मिलना चाहिए। चिक्कोडी और बेलगावी लोकसभा चुनाव के लिए उनके समर्थकों को टिकट देने की शर्त रखी है। कांग्रेस में उन्हें और उनके भाई को दूर रखने का प्रयास जारी है।

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