पशुपालन मंत्री ने किया बर्ड फ्लू से इनकार

पशुपालन मंत्री ने किया बर्ड फ्लू से इनकार

Shankar Sharma | Publish: Jan, 13 2018 10:00:55 PM (IST) Bangalore, Karnataka, India

पशुपालन मंत्री ए. मंजू ने कहा कि राज्य में मुर्गियों को बुखार जरूर आया पर यह बर्ड फ्लू नहीं है

बेंगलूरु. पशुपालन मंत्री ए. मंजू ने कहा कि राज्य में मुर्गियों को बुखार जरूर आया पर यह बर्ड फ्लू नहीं है। इन मुर्गियों के मांस का सेवन करना मुनष्यों के लिए किसी तरह से हानिकारक नहीं है।


मंजू ने शुक्रवार को कहा कि राज्य के कुछ इलाकों में मुर्गियों में फैले बुखार के बारे मेें विशेषज्ञ चिकित्सकों ने जांच पड़ताल की है। परीक्षण के दौरान भोपाल स्थित प्रयोगशाला में नमूने भेेजे गए थे, जहां से मिली रिपोर्ट में कहा गया है कि यह केवल बुखार है और बर्ड फ्लू नहीं है।

इस बुखार से पीडि़त मुर्गियों के मांस का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए किसी भी दृष्टि से हानिकारक नहीं है। सबसे पहले मंड्या में देशी मुर्गियों को आए ज्वर के बारे में पूरी रिपोर्ट मिल गई है। लेकिन बेंगलूरु सहित राज्य के कुछ हिस्सों में फार्मी मुर्गियों को आए ज्वर के बारे में अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली है। लेकिन हमारे चिकित्सकों व शोधकर्ताओं के इस बारे में परीक्षण करने के बाद सरकार को पेश की गई रिपोर्ट में कहा है कि यह भयानक बर्ड फ्लूू नहीं होकर सामान्य ज्वर है।


उन्होंने कहा कि मुर्गी ज्वर पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है। विभागीय अधिकारियों व चिकित्सकों ने सभी संदिग्ध स्थानों का आक्समिक निरीक्षण कर आवश्यक कदम उठाए हैं। इसके मद्देनजर यह साफ हो गया है कि मुर्गी का मांस खाने से कोई खतरा नहीं है। चिकित्सकों की सलाह के मुताबिक राज्य के किसी भी हिस्से में मुर्गियों की बिक्री पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।


एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि दुग्ध उत्पादकों को दी जाने वाली सब्सिडी में कुछ स्थानों से अनियमितताओं की शिकायतें मिलने के कारण आधार कार्ड लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है। अपने बैक खातों को आधार लिंक नहीं करने वाले किसानों को सब्सिडी नहीं मिलेगी।

इसके लिए किसानों को आधार कार्ड की प्रति सहकारी संघों के जरिए या स्वयं बैंक में जमा करवाकर अपने खातों को आधार लिंक करवाना होगा। मंत्री ने कहा कि फिलहाल दूध के दाम घटाने या बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी में बढ़ोतरी करने के बाद दूध उत्पादन की मात्रा बढक़र 77 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गई है।

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