रक्षा अनुसंधान एवं विनिर्माण में बेंगलूरु से जुड़ा एक और नाम

रक्षा अनुसंधान एवं विनिर्माण में बेंगलूरु से जुड़ा एक और नाम

Ram Naresh Gautam | Publish: Sep, 05 2018 05:35:51 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

अल्फा के आर एंड डी और विनिर्माण केन्द्र का उद्घाटन

बेंंगलूरु. भारतीय रक्षा उपकरण विनिर्माता अल्फा डिजाइन टेक्नोलॉजी (एडीटीएल) ने मंगलवार को अपने नए शोध एवं विकास (आर एंड डी) और विनिर्माण सेवा केन्द्र का शुभारंभ किया। कंपनी ने इजरायल के इएलबीआइटी सिक्योरिटी सिस्टम्स (इएलएसइसी) के साथ संयुक्त उद्यम के रूप में इसकी स्थापना की है, जो ओप्टो-इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण और मानव रहित एरियल विमानों (यूएवी) को भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए बनाएगा।

एडीटीएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक कर्नल एचएस शंकर ने कहा कि अल्फा पहले से ही इएलबीआइटी के साथ कई उपयोगी रक्षा उपकरण विनिर्माण कार्यक्रमों में शामिल है, जिसमें यूआरवी, टेक्टिकल कम्युनिकेशंस, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और एयरोस्पेस उपकरण निर्माण के अलावा भारतीय सेना के टी-72 टैंकों के लिए थर्मल इमेज आधारित नाइट विजन साइट्स का विनिर्माण महत्वपूर्ण है।

शहर के पीनिया औद्योगिक क्षेत्र में इस अत्याधुनिक सुविधाओं वाले आर एंड डी एवं विनिर्माण केन्द्र की शुरुआत हुई है, जहां अत्यधुनिक ओप्टो-इलेक्ट्रॉनिक्स एवं यूएवी का निर्माण किया जाएगा। इससे भारतीय और अंतराष्ट्रीय बाजार को एक बेहतरीन विनिर्माता मिलेगा। संयुक्त उद्यम कंपनी ने पहले ही निर्यात के लिए 20 मिलियन अमरीकी डालर से अधिक का ऑर्डर प्राप्त कर लिया है और अगले पांच सालों में 100 मिलियन अमरीकी डालर के निर्यात तक पहुंचने तथा भारतीय बाजार में उपकरणों की आपूर्ति के बराबर मात्रा तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है।

कर्नल शंकर ने कहा कि हम दोनों कंपनियों के लिए आर एंड डी मुख्य रूप से ध्यान दिया जाने वाला क्षेत्र है। इसलिए हम दोनों ने महत्वपूर्ण अंतरिक्ष कैमरों सहित भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए प्रमुख और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकीं के विकास के लिए अगले एक वर्ष में उत्कृष्टता और अनुसंधान केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है।

अल्फा द्वारा अगले पांच छह वर्षों में 3400 करोड़ रुपए का ऑर्डर बुक किया जाएगा और कंपनी के विभिन्न केन्द्र हैदराबाद, दिल्ली, देहरादून, चेन्नई और अहमदाबाद में पहले से मौजूद हैं। कंपनी ने भारतीय सेना के टी-72 टैंकों केे लिए 2000 से ज्यादा थर्मल इमेज आधारित नाइट विजन और एसयू-30 तथा एलसीए लड़ाकू विमानों के लिए अन्य प्रकार के उपकरणों की आपूर्ति की है। इएलएसइसी के कार्यकारी वाइस प्रेसिडेंट और जीएम एलाड अहारोंसोन ने कहा कि एल्बिट सिस्टम ने भारत को रक्षा क्षेत्र में आगे के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण देश और बाजार माना है। इसलिए भारतीय और वैश्विक बाजारों के लिए भारत में स्थानीय आर एंड डी और विनिर्माण केन्द्र स्थापित करना सबसे अच्छा तरीका था।


उड़ान के दौरान तेजस में ईंधन भरने का परीक्षण
बेंगलूरु. स्वदेशी हल्के युद्धक विमान तेजस में उड़ान के दौरान वायुसेना के टैंकर विमान से ईंधन करने का परीक्षण मंगलवार को किया गया। रक्षा सूत्रों के मुताबिक वायुसेना के आइएल-78 विमान के जरिए तेल भरने के इस पूर्वाभ्यास में ईंधन का उपयोग नहीं किया गया था। अभी नौ परीक्षण के बाद हवा में तेल भरने का वास्तविक परीक्षण किया जाएगा।

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