मोह सभी दुखों का मूल: आचार्य नररत्न सूरीश्वर

  • मैसूरु में प्रवचन

By: Santosh kumar Pandey

Published: 17 Apr 2021, 06:17 PM IST

मैसूरु. सिद्धार्थ नगर स्थित पाश्र्व वाटिका एसोसिएशन के तत्वावधान में विराजित आचार्य नररत्न सूरीश्वर ने प्रवचन में कहा कि धन, माया, सब कुछ यहीं पर छोड़ कर जाना है। सद्कर्म ही साथ चलेंगे।

नवपद की आराधना व क्रिया से श्रावक का उत्थान

उन्होंने कहा कि सद्गुरु के संपर्क में रहने से श्रावक के जीवन में परिवर्तन आता है। नवपद की आराधना व क्रिया से श्रावक का उत्थान होता है।

ध्यान करके स्थूल मोह को मिटाना चाहिए

आत्मा शुद्धि के लिए धर्म करना आवश्यक है। मोह सभी दुखों का मूल है। ध्यान करके स्थूल मोह को मिटाना चाहिए।

इस दौरान पाश्र्व वाटिका एसोसिएशन मैसूरु के अध्यक्ष धनराज ढेलड़ीया,सचिव सुरेश कुमार लुंकड़, सद्स्य संतोष गौवाणी, सुमेरमल जैन, बाबूलाल सालेचा, सुमतिनाथ जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ के अध्यक्ष भेरुमल राठोड़, सचिव कांतिलाल गुलेचा, ट्रस्टी हंसराज पगारिया,प्रकाश सालेचा,पारसमल सिंघवी, राजेंद्र सूरी जैन ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष भंवरलाल दांतेवाड़ीया, पाश्र्व पद्मावती ट्रस्ट के अध्यक्ष दलीचंद आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।

Santosh kumar Pandey Desk
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