scriptAwakening of consciousness through mantras: Acharya Vimalsagarsuri | मंत्रों से चैतन्य शक्ति का जागरण: आचार्य विमलसागरसूरी | Patrika News

मंत्रों से चैतन्य शक्ति का जागरण: आचार्य विमलसागरसूरी

locationबैंगलोरPublished: Jul 26, 2023 06:02:23 pm

  • तीन दिवसीय नवग्रह अनुष्ठान का समापन

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बेंगलूरु. आचार्य विमलसागरसूरी और गणि पद्मविमलसागर के सान्निध्य में आयोजित हुए तीन दिवसीय विराट् नवग्रह शांति अनुष्ठान का बुधवार को महाआरती के साथ समापन हुआ। तीन दिन तीन-तीन तीर्थंकरों और तीन-तीन ग्रहों के पूजन-विधान हुए। जैनधर्म की गुरु परंपरा के छट्ठे उत्तराधिकारी आर्य भद्रबहुस्वामी के ग्रहशांति स्तोत्र के पर इस अनुष्ठान की संयोजना की गई थी।
चामराजपेट स्थित शीतल-बुद्धि-वीर वाटिका के विशाल पंडाल में श्वेत व लाल परिधान में सजे 1170 साधकों ने प्रतिदिन दो चरणों में कुल पांच घंटों तक विधि-विधान किए। प्राचीन ग्रंथों से गणि पद्मविमलसागर ने समग्र अनुष्ठान की संयोजना की।
शास्त्रों में निर्दिष्ट प्रत्येक ग्रह के वर्ण, प्रकृति, गुण और लक्षण के अनुसार उनके विविध पुष्प, अक्षत, नैवेद्य, फल, वस्त्र, ताम्बूल, अर्घ्य आदि द्रव्य अर्पित किये गये। तीन दिवसीय पूजन-विधान के पश्चात् गुरुपुष्य योग में विधिपूर्वक बने नवग्रह के शुद्ध ताम्रयंत्र सभी साधकों को प्रदान किये गये।
इस अवसर पर आचार्य विमलसागरसूरी में समस्त मंत्रोच्चार किए। उन्होंने कहा कि मंत्रों से आभामंडल बदलता है। बीजमंत्र ध्वनिविज्ञान के अद्भुत् आविष्कार हैं। ये सप्तचक्र और शरीर के विविध केंद्रों को प्रभावित करते हैं। चैतन्य शक्ति का जागरण, ज्ञानार्जन, सकारात्मक चिंतन, आत्मविश्वास, शुभ संकेत, विघ्न निवारण और वचनसिद्धि जैसी अनेक उपलब्धियां मंत्र-विद्याओं से प्राप्त होती हैं।
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