बालमुनि पद्मप्रभ ने जैसा सुना,वैसा ही सुनाकर सबको किया चकित

बालमुनि पद्मप्रभ ने जैसा सुना,वैसा ही सुनाकर सबको किया चकित

Shankar Sharma | Publish: Sep, 03 2018 11:02:35 PM (IST) Bangalore, Karnataka, India

वासुपूज्य स्वामी जैन संघ अक्कीपेट एवं महा शतावधान आयोजक समिति के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को पैलेस ग्राउंड में आयोजित महा शतावधान कार्यक्रम में बाल मुनि पद्मप्रभचंद्र सागर ने लोगों द्वारा पूछे गए २०० सवाल हुबहू सुनाकर सभी को चकित कर दिया।

बेंगलूरु. वासुपूज्य स्वामी जैन संघ अक्कीपेट एवं महा शतावधान आयोजक समिति के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को पैलेस ग्राउंड में आयोजित महा शतावधान कार्यक्रम में बाल मुनि पद्मप्रभचंद्र सागर ने लोगों द्वारा पूछे गए २०० सवाल हुबहू सुनाकर सभी को चकित कर दिया।

पांच हजार से भी ज्यादा लोगों से भरे सभागार में अतिथि तेजराज कवाड़, प्रफल्लभाई, इसरो के वैज्ञानिक सुरेंद्र पोखरना ने दीप प्रज्ज्वलित और कांतिलाल, राजूभाई, जीवराज ने देवी सरस्वती की तस्वीर पर पुष्पहार अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। आचार्य नयचंद्र सागर सूरीश्वर व मुनि अजितचंद्र सागर की प्रेरणा और अनेक आचार्यों, मुनियों व साध्वियों के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में जैन संघ अक्कीपेट के अध्यक्ष उत्तम मेहता ने स्वागत किया।


सुरेंद्र गुरु ने गुरुवंदन किया। मुनि अजितचंद्र सागर ने शतावधान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। सीए निकुंज ने कार्यक्रम की रुपरेखा रख लोगों से सवाल शुरू किए। अखिर सवाल बाल मुनि के सांसारिक पिता प्रफुल्लभाई ने किया। लोग बड़े उत्साहित रहे और शांति से सवाल सुने।


मुनि अजित चंद्र सागर ने स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए हुए विविध अनुसंधान, साधना, संगीत, औषधियों से अवगत कराया। सवालों का दौर पूरा होने पर बाल मुनि ने क्रमवार एक के बाद एक जवाब देने शुरू किए तो श्रोता चकित हो गए।
पहला चरण पूरा होने के बाद बाल मुनि उल्टे क्रम में सवाल बोले। तीसरे चरण में लोगों द्वारा नंबर बोलने पर बाल मुनि ने उसका सवाल बताया। चौथे चरण में श्रोताओं द्वारा अलग अलग सवाल करने पर बाल मुनि एकदम सही नंबर बता रोमांच पैदा किया। तालियों के बीच श्रोताओं ने जयकारे भी लगाए।


विज्ञान जगत की ओर से बाल मुनि पद्मप्रभचंद्र सागर को महाशतावधानी अलंकरण से विभूषित किया गया। आचार्य नयचंद्र सागर सूरीश्वर ने बाल मुनि को आशीर्वाद देकर मंगलकामना की। उन्होंने बताया कि ऐसे दो और बाल मुनि शतावधान की तैयारी में है। मुनि अजितचंद्र सागर ने सफल आयोजन के लिए अक्कीपेट संघ व महा शतावधान आयोजक समिति की टीम की सराहना की। संचालन अरविंद कोठारी व सुरेंद्र गुरु ने किया।


संघ सचिव कांतिलाल मुथा ने साधु-साध्वियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। आयोजन में मीडिया प्रभारी सज्जनराज मेहता, कैलाश सकलेचा, गौतम सोलंकी, महेंद्र रांका, जीवराज, दिनेश भाई हक्कानी, गौतम भाई, ललित भाई, प्रकाश माण्डोत, गौतम सोलंकी, सुरेंद्र रांका, रमेश मेहता, सरस्वती रिसर्च सेंटर टीम, शतावधान टीम, अर्थम ग्रुप, व अन्य सभी मंडलों आदि का सहयोग रहा।

समारोह में आइएएस मनोज जैन, एडीजीपी एनएस मेघरिक, आइआरएस शैलेंद्र कुमार, आइएएस बीएफ पाटिल, लोक अभियोक इन्द्रेश, भारत जैन, इसरो वैज्ञानिक डॉ एनके श्रीवास्तव, डॉ आदित्य शुक्ल, विंग कमाण्डर आरके मण्डल, डॉ जगदीश, प्रो परमिता, प्रो उषा रानी, सेवानिवृत आइएएस श्रीनिवास रेड्डी, सेवानिवृत्त डीसीपी ईश्वर प्रसाद आदि गणमान्य जन उपस्थित थे।

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