निजी और कामकाजी जिंदगी के बीच संतुलन जरूरी: देवेंद्रसागर

राजाजीनगर में प्रवचन

By: Santosh kumar Pandey

Updated: 05 Sep 2020, 10:08 PM IST

बेंगलूरु. शंखेश्वर पाश्र्वनाथ जैन संघ, राजाजीनगर में आचार्य देवेंद्रसागर सूरी ने कहा कि इस संसार में हम जो कुछ देखते हैं, वह विचारों का ही चमत्कार है। विचार अपने आप में एक ऐसी शक्ति है, जिसकी तुलना में संसार की समस्त शक्तियों का समन्वय भी हल्का है। विचारों का दुरुपयोग करने वाला स्वयं और संसार का विनाश भी कर सकता है।

यदि आप उत्तम जीवन जीना चाहते हैं, तो आपको वैसे ही विचार करने का अभ्यास करना चाहिए। विचारों के सदुपयोग से मनुष्य विश्व विजयी हो सकता है। हजारों आविष्कार उन्हीं अच्छे विचारों के परिणाम हैं।

विचार करते समय सकारात्मक बातों, दृश्यों, वस्तुओं और पदार्थों के बारे में ही चिंतन करना चाहिए। इससे हमारे मन में आनंदपूर्ण विचारों का प्रवाह बहेगा और उदासीनता के विचार पास फटकने तक न पाएंगे। बेईमानी, धोखेबाजी और खुदगर्जी के विचार लौकिक और पारलौकिक, दोनों ही दृष्टि से बहुत ही घातक हैं।

आचार्य ने कहा कि अच्छे परिणामों के लिए आपको स्पष्ट सोच के साथ सही दिशा में आगे बढऩा होगा। विचारों की स्पष्टता के साथ लक्ष्यों को हासिल कर सकते हैं। तय करें कि आपको निजी जीवन और कामकाजी जिंदगी के बीच दिन को किस तरह बांटना है। ऐसा करके आप बेहतर संतुलन कर पाएंगे।

Santosh kumar Pandey Desk
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