केंद्र से मिली 1782 करोड़ रुपए की सहायता

केंद्र से मिली 1782 करोड़ रुपए की सहायता
drought in field

Manjoor Ahamad | Publish: Jan, 05 2017 08:02:00 PM (IST) Bangalore, Karnataka, India

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में कर्नाटक को सूखा राहत के लिए राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से 1782 करोड़ रुपए की राशि जारी करने का निर्णय लिया गया

बेंगलूरु. नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने राज्य को सूखा राहत के लिए 1782 करोड़ रुपए की सहायता देने की घोषणा की है। केंद्र ने जितनी राशि देने की घोषणा की है वह मांगी गई मदद का सिर्फ 38 फीसदी ही है।
राज्य  ने केंद्र से मांगी थी 4702 करोड़ रुपए की मदद
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में कर्नाटक को सूखा राहत के लिए राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से 1782 करोड़ रुपए की राशि जारी करने का निर्णय लिया गया। समिति ने राज्य के सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने वाली अंतर मंत्रालयी टीम और राज्य सरकार के ज्ञापन का अध्ययन करने के बाद गृह मंत्रालय की उपसमिति ने राज्य को 2016 के खरीफ मौसम के लिए 1782.44 करोड़ रुपए की सहायता देने की सिफारिश की थी। राज्य सरकार ने केंद्र से 4702 करोड़ रुपए की मदद मांगी थी। सूखा राहत राशि जारी करने की मांग को लेकर 31 दिसम्बर को मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी की थी। मोदी से मुलाकात के दौरान सिद्धरामय्या ने उनसे किसानों को हो रही मुश्किलों के कारण पूरी राहत राशि एक मुश्त जारी करने की मांग की थी। सिद्धरामय्या ने कहा था कि राज्य लगातार छठे साल सूखे की स्थिति से जूझ रहा है। वर्ष 2016-17 में सूखे की स्थिति पिछले चार दशकों में सबसे खराब है। राज्य के 176 में से 139 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया जा चुका है। बाद मेंं मीडिया से बातचीत में सिद्धरामय्या ने कहा था कि राज्य सरकार सूखा राहत के लिए 400 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है और अगर केंद्र सरकार पूरी राशि नहीं देती है तो राज्य सरकार खर्च वहन करेगी। गौरतलब है कि इस साल जून-जुलाई में मानसून के दौरान अच्छी बारिश हुई थी जबकि अगस्त,सितम्बर और अक्टूबर के दौरान बारिश काफी नगण्य होने के कारण सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गई।

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