महापौर चुनाव में जनता दल (ध) फिर निर्णायक

Shankar Sharma

Publish: Sep, 11 2017 09:41:00 (IST)

Bangalore, Karnataka, India
महापौर चुनाव में जनता दल (ध) फिर निर्णायक

महापौर और उपमहापौर के चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद 28 सितंबर को होने वाले चुनाव में जनता दल (ध) ने महापौर पद पर दावा

बेंगलूरु. महापौर और उपमहापौर के चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद 28 सितंबर को होने वाले चुनाव में जनता दल (ध) ने महापौर पद पर दावा पेश कर नया शिगूफा छोड़ दिया है। कांग्रेस तथा भाजपा का जद ध के 14 पार्षदों के समर्थन के बगैर बीबीएमपी में सत्ता हासिल करना संभव नहीं है। इस स्थिति को अपने पक्ष में भुनाने के लिए जद ध के नेता अब दोनों राष्ट्रीय दलों से सौदाबाजी कर रहे हैं।


इस बार महापौर का पद अनुसूचित जाति (अजा) के लिए आरक्षित है। कांग्रेस के देवरजीवनहल्ली क्षेत्र के पार्षद संपतराज तथा गोविंदराज वार्ड के पार्षद एल.गोविंदराज ने इस पद पर दावा किया है। दोनों में गांधीनगर विधानसभा क्षेत्र के सुभाषनगर वार्ड से लगातार तीन बार चयनित गोविंदराज का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। गोविंदराज को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति के कार्यकारी अध्यक्ष विधायक दिनेश गुंडुराव का समर्थन प्राप्त है। लेकिन गोविंदराज के मूल कांग्रेसी नहीं होने के कारण पार्टी में कुछ लोग गोविंदराज का विरोध कर रहे हैं।


पुलकेशी विधानसभा क्षेत्र के देवरजीवनहल्ली क्षेत्र के पार्षद संपतराज दूसरी बार पार्षद बने हैं। 30 वर्ष से कांग्रेस का सक्रिय कार्यकर्ता होने के कारण उन्हें ऊर्जा मंत्री डी.के.शिवकुमार के साथ शहर के कई अन्य नेताओं का समर्थन मिल रहा है। लेकिन उनके खिलाफ पिछले दो विधानसभा चुनावों में पहले कांग्रेस के प्रसन्नकुमार फिर के.जे.जार्ज के खिलाफ प्रचार करने का आरोप है। इस कारण उनका दावा कमजोर हो रहा है।

अभी तक महापौर पद के लिए कांग्रेस का समर्थन करने वाले जनता दल (ध) ने इस बार उपमहापौर के बदले महापौर पद पर दावा कर कांग्रेस को पसोपेश में डाल दिया है। कांग्रेस के नेता अब जद (ध) को मनाने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। इस मामले में अब तक कांग्रेस की ओर से कोई जवाब नहीं दिया है लेकिन कांग्रेस नेता जद ध से गठबंधन बरकरार रहने की उम्मीद जता रहे हैं। जद ध को मनाने का दायित्व गृहमंत्री रामलिंगा रेड्डी को सौंपा गया है। जद ध के मारप्पनपाल्या क्षेत्र के पार्षद महादेवप्पा तथा शक्ति गणपति नगर पार्षद मादेवम्मा ने महापौर पद के लिए दावेदारी पेश की है।

भाजपा का पैंतरा, देखो और इंतजार करो
कांग्रेस तथा जद ध के बीच चल रही इस होड़ में बीबीएमपी के 198 वार्ड में से 101 वार्ड में जीत हासिल करने वाली भाजपा ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। अगर महापौर पद के लिए जद ध की जिद के कारण यह गटबंधन टूटता है तो भाजपा अपने पत्ते खोल सकती है।

कांग्रेस-जद ध का गठबंधन टूटने पर भाजपा के पक्ष में नए समीकरण बनने की संभावना है। लेकिन भाजपा को सत्ता से हर हालत में दूर रखने के लिए कांग्रेस जद ध की महापौर पद की मांग भी मान लेती है तो ऐसी स्थिति में भाजपा के पास विपक्ष में बैठने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। लेकिन विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार के समर्थन के बगैर महानगर पालिका का प्रशासन चलाना टेढ़ी खीर होने से शहर भाजपा के नेताओं ने बीबीएमपी में सत्ता पाने के लिए अभी तक कोई उत्साह नहीं दिखाया है।

इस चुनाव को लेकर रणनीति तय करने के लिए हाल में प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष बी.एस.येड्डियूरप्पा तथा पूर्व मंत्री आर अशोक के नेतृत्व में हाल में शहर भाजपा के विधायक तथा बीबीएमपी के पार्षदों की बैठक हुई है। कांग्रेस भाजपा तथा जनता दल (ध) तीनों की चाह यह है कि उनके दल का प्रत्याशी महापौर बनें। जिसके कारण यह चुनाव दिलचस्प बनते जा रहा है।

पालिका में दलीय स्थिति
हाल में क्षेत्रीय आयुक्त ने महापौर तथा उपमहापौर के चुनाव के लिए पार्षद, लोकसभा सदस्य,राज्यसभा सदस्य, विधायक विधान परिषद सदस्यों को मिलाकर 26 6 मतदाता जनप्रतिनिधियों की सूची जारी की है।जिसके मुताबिक महापौर तथा उपमहापौर पद हासिल करने के लिए 134 सदस्यों का समर्थन आवश्यक है। अधिसूचना के मुताबिक 28 सितंबर शुक्रवार को सुबह 11.30 बजे बीबीएमपी के केंपेगौडा सभागार में महापौर तथा उपमहापौर पद के लिए मतदान होगा। इस चुनाव में मतदान करने वाले सभी 266 जनप्रतिनिधियों को 16 सितंबर से पहले मतदान में भाग लेने की सूचना भेजी जाएगी।

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