केआइए पर गिरफ्तार हुआ बांग्लादेशी

केआइए पर गिरफ्तार हुआ बांग्लादेशी

Shankar Sharma | Publish: Apr, 23 2019 01:41:02 AM (IST) | Updated: Apr, 23 2019 01:41:03 AM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

आव्रजन अधिकारियों ने केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (केआइए) पर एक 47 वर्षीय बांग्लादेशी नागरिक को पकड़ा है जो वैध भारतीय पासपोर्ट के साथ केआइए से संयुक्त अरब अमीरात के लिए उड़ान भरने की कोशिश कर रहा था। गिरफ्त में आए आरोपी की पहचान मोहम्मद अलीम शेख इयाद अली के रूप में हुई।

बेंगलूरु. आव्रजन अधिकारियों ने केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (केआइए) पर एक 47 वर्षीय बांग्लादेशी नागरिक को पकड़ा है जो वैध भारतीय पासपोर्ट के साथ केआइए से संयुक्त अरब अमीरात के लिए उड़ान भरने की कोशिश कर रहा था। गिरफ्त में आए आरोपी की पहचान मोहम्मद अलीम शेख इयाद अली के रूप में हुई।


केआइए पर जब उसने अपना पासपोर्ट और मतदाता पहचान पत्र आव्रजन क्लीयरेंस के लिए पेश किया उसी समय संदेह के आधार पर उससे पूछताछ की गई। अली ने बताया कि वह वर्ष २००४ में बिजनेस वीजा पर भारत आया था और बाद में अवैध रूप से बेंगलूरु में रह रहा था।


उसने बताया कि वह बांग्लादेश मूल का नागरिक है और पेशे से दर्जी है। उसने बेंगलूरु में दर्जी के रूप में काम शुरू किया और बाद में एचएसआर लेआउट में किराए के मकान में रहने लगा। इसी दौरान उसने फर्जी तरीके से मतदाता पहचान पत्र और भारतीय पासपोर्ट बनवाने में कामयाबी पाई। मतदाता पहचान पत्र की मदद से उसने क्षेत्रीय पासपोर्टकार्यालय बेंगलूरु से पासपोर्टबनाया था।


रोजगार की तलाश अब वह यूएई जाने की फिराक में था। अली पर विदेशी अधिनियम के तहत और पासपोर्ट अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

मुंडगोड में पेयजल की किल्लत
हुब्बल्ली. मुंडगोड तालुक के माइनल्ली गांव के गवलीवाड के नलों में नियमित जलापूर्ति नहीं होने से पानी की किल्लत पेश आई है। ग्रामीणों ने अधिकारियों तथा जलापूर्ति करने वाले कर्मचारी (वाटरमैन) के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि माइनल्ली गांव के गवलीवाड में 200 नलकूप कनेक्शन हैं। हर वर्ष सही तौर पर पानी के बिल का भुगतान करते आए हैं, एक वर्ष से नलकूप में जलापूर्ति सही तौर पर नहीं होने के कारण पीने व इस्तेमाल करने के लिए पानी पर्याप्त नहीं हो रहा है। पूर्व में स्थित दैनिक वेतनभोगी वाटरमैन सुबह तथा शाम को जलापूर्ति करते थे।


मौजूदा वाटरमैन सुबह एक ही समय आधे घंटा मात्र जलापूर्ति करता है। वह पानी भी कीचड़ से भरा रहता है और प्रेशर भी नहीं रहता। टंकी की सफाई किए वर्षों बीत गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही से कुछ लोग नलकूपों पर मोटर लगाकर पानी भरते हैं। इससे शेष लोगों को काफी परेशानी हो रही है।

इसके अलावा ऊंचाई वाले इलाके में स्थित नलकूपों में पानी नहीं आता है। इसके चलते गड्ढों को खोदकर नलकूपों में से पानी भरना पड़ रहा है। बोरवेल खुदवाए 15 वर्ष बीत चुके हैं। बोरवेल से टंकी के लिए 250 मीटर अंतर है। इसके चलते पानी कम आता है। एक और बोरवेल की जरूरत है। इस पर ग्राम पंचायत अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि सुध नहीं ले रहे हैं।

 

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