बीबीएमपी ने अपने अफसरों को बचाया

बीबीएमपी ने अपने अफसरों को बचाया
bangalore news

Shankar Sharma | Publish: Oct, 09 2016 11:15:00 PM (IST) Bangalore, Karnataka, India

बेलंदूर में दो दिन पहले निर्माणाधीन भवन ढहने के कारण छह लोगों की मौत के मामले में बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने सिर्फ विभागीय जांच कराने के निर्देश दिए

बेंगलूरु. बेलंदूर में दो दिन पहले निर्माणाधीन भवन ढहने के कारण छह लोगों की मौत के मामले में बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने सिर्फ विभागीय जांच कराने के निर्देश दिए लेकिन अपने किसी अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं करने का निर्णय किया है।

बीबीएमपी की शिकायत के बाद एचएसआर लेआउट पुलिस ने बिल्डर और चार निवेशकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने के साथ ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन बीबीएमपी की शिकायत में पालिका के किसी अधिकारी या कर्मचारी का नाम नहीं होने से पुलिस ने उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया।


एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार आयुक्त ने सहायक अभियंता राघवेंद्र और सहायक कार्यकारी अभियंता कोदंड रेड्डी को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ भवन निर्माण की नियमानुसार अनुमति नहीं देने का आरोप है। लेकिन उन्हें इस हादसे के लिए किसी तरह जिम्मेदार नहीं माना गया है और अब बीबीएमपी पूरे मामले की विभागीय स्तर पर जांच करवा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोनों के खिलाफ कार्रवाई की अगली प्रक्रिया के बारे में निर्णय किया जाएगा।

बीबीएमपी का कहना है कि ऐसे मामलों में आमतौर पर बीबीएमपी की ओर से विभागीय स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है लेकिन पुलिस में शिकायत करने का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए इस मामले में  दोनों अधिकारियों के खिलाफ ऐसी कोई शिकायत नहीं की गई। कुछ माह पहले एक अन्य निर्माणाधीन इमारत की साइट पर मिट्टी धंसकने के कारण हुए हादसे के मामले में भी बिल्डर के खिलाफ ही कार्रवाई की गई थी।

कुआं बना हादसे की वजह
निर्माणाधीन पांच मंजिला मकान गिरने की वजह एक कुआं था। स्थानीय निवासी राजेश के मुताबिक इस भूखंड के बीचों-बीच एक पुराना कुआं था। भूखंड के मालिक श्रीनिवास रेड्डी ने कुएं में केवल मिट्टी डालकर भवन निर्माण शुरू करा दिया था। जबकि वैज्ञानिक ढंग से कुएं को भरने के लिए सात-आठ माह का समय लगता है।

इसके अलावा भवन निर्माण में जो सामग्री उपयोग की जा रही थी वह बेहद घटिया किस्म की थी। बीबीएमपी द्वारा मंजूर नक्शे का भी उल्लंघन किया जा रहा था। पालिका ने तीन मंजिल का नक्शा मंजूर किया था, जबकि रेड्डी ने पांच मंजिल तक भवन का निर्माण करा डाला। चौथी मंजिल के लिए टीडीआर के तहत मंजूरी पाने का दावा किया गया था, लेकिन 5वी मंजिल के लिए कोई मंजूरी नहीं ली गई।

रेड्डी ने स्थानीय अभियंता राघवेंद्र तथा कोदंड रेड्डी को रिश्वत देकर भवन का निर्माण कार्य जारी रखा था। पालिका आयुक्त मंजुनाथ प्रसाद ने दोनों अभियंताओं को सेवा से निलंबित कर दिया है। यह मकान बनाने के लिए श्रीनिवास रेड्डी ने पांच लोगों को इसमें भागीदार बनाया था।
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned