कंटेनमेंट जोन में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करे बीबीएमपी

हाईकोर्ट ने दिया आदेश

By: Santosh kumar Pandey

Published: 26 Jun 2020, 03:13 PM IST

बेंगलूरु. कर्नाटक हाईकोर्ट (the Karnataka High Court ) ने बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (BBMP) को आदेश दिया है कि कंटेनमेंट जोन में आवश्यक वस्तुओं, भोजन के पैकेट आदि की आपूर्ति की जाए।

हाईकोर्ट ने कहा कि यदि बीबीएमपी राशन के सामान सहित अन्य वस्तुओं की आपूर्ति नहीं करती तो नागरिक कोर्ट का रुख कर सकते हैं। कोविड-19 से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस अभय एस ओका, जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच ने यह आदेश दिया।

बीबीएमपी का दायित्व
कोर्ट ने कहा कि 14 अप्रेल को दिए गए आदेश के अनुसार कंटेनमेंट जोन में जरूरतमंदों को आवश्यक वस्तुओं, भोजन के पैकेट आदि की आपूर्ति करना बीबीएमपी का दायित्व है। कोर्ट के आदेश के पालन और राज्य सरकार के आदेश के पालन में विफल रहना नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन है। यह संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है। नागरिकों को इसका समाधान ढूंढऩे का अधिकार है।

गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत

कोर्ट ने यह भी कहा कि चूंकि कंटेनमेंट जोन के लोग पैसे कमाने के लिए घर से बाहर नहीं निकल सकते, ऐसे में सरकार को यह देखना चाहिए कि बीबीएमपी जरूरतमंदों को उनके घर के दरवाजे पर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करे। बीबीएमपी को कंटेनमेंट जोन में गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बेंच ने बीबीएमपी को एक जुलाई तक अनुपालन रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने मांगा विवरण
राज्य सरकार ने गुरुवार को कोर्ट को बताया कि सेवा सिंधु पोर्टल पर नौ लाख से अधिक प्रवासी मजदूरों ने पंजीकरण करवाया था। इनमें से 24 जून तक 4.6 लाख श्रमिक कुल 284 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के जरिए कर्नाटक से चले गए हैं। कोर्ट ने केन्द्र सरकार से कर्नाटक से नौ जून के बाद चलाई गई श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की संख्या के बारे में विवरण मांगा है।

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Santosh kumar Pandey Desk
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