निर्माणाधीन इमारत गिरने से तीन मजदूरों की मौत, नौ जख्मी

Kumar Jeevendra Jha

Publish: Feb, 16 2018 01:32:20 AM (IST) | Updated: Feb, 16 2018 01:36:38 AM (IST)

Bengaluru, Karnataka, India

सरकार ने की 5-5 लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा

बेंगलूरु. बेलंदूर के कसवानाहल्ली में एक निर्माणाधीन इमारत गिरने से तीन मजदूरों की मौत हो गई और ९ मजदूर घायल हो गए। गुरुवार दोपहर करीब चार बजे हुए इस हादसे के बाद बचावकर्मी मौके पर पहुंच गए और मलबा हटाकर मजदूरों को निकालने का काम शुरू कर दिया गया। आशंका है कि कुछ मजदूर अभी भी मलबे में फंसे हैं। मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है और उनका संबंध उत्तर प्रदेश से बताया गया है। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। उनमें से दो की स्थिति चिंताजनक बताई गई है।
बताया जाता है कि यह इमारत मूल रूप से रफीक अहमद नामक एक व्यक्ति की थी और वह उसे आंध्र प्रदेश के किसी व्यक्ति को बेचने की बातचीत कर रहा था। इमारत को व्यवसायिक भवन का रूप देने के लिए उसका नवीकरण करवाया जा रहा था। माना जा रहा है कि इमारत ढहने पर करीब २० से अधिक मजदूर मलबे में फंसे थे। बताया जाता है कि इमारत की नींव पहले से ही कमजोर थी और उस पर चार माले बना दिए गए, जिस कारण यह हादसा हुआ। सूचना मिलने पर अग्निशमन बल, पुलिस और एनडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंच कर मलबा हटाने का काम शुरू किया। मलबे में फंसे १० मजदूरों को बाहर निकाल कर असप्ताल पहुंचाया गया, जिनमेंसे एक की अस्पताल में मौत हो गई। इसके अलावा दो और मजदूरों को निकाला गया, जिन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इमारत ढहने से बिजली का ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गया और पूरे क्षेत्र में बिजली गुल हो गई है।
महापौर संपतराज ने घटना स्थल पहुंच कर मुआयना किया। उनका कहना है कि मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। उनके परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा। वे इस सिलसिले में मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे। पालिका घायलों के इलाज का उठाएगी। उन्होंने कहा कि निमार्ण कार्य के बारे में पूरी जांच की जा रही है।

Bengaluru building collapse

मामला दर्ज

इमारत के मालिक, ठेकेदार औरइंजीनियर के खिलाफ बेलंदूर पुलिस थाने में लापरवाही से दूसरों की जान खतरे में डालने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आयुक्त टी.सुनील कुमार ने घटना स्थल का मुआयना करने के बाद कहा कि इमारत में दो चौकीदार और उनका परिवार रहने की जानकारी मिली है। मलबे में अभी कम से कम चार और मजदूर फंसे होने की आशंका है।
देर रात मिली सूचना के अनुसार पुलिस ने भवन के मालिक रफीक की पत्नी समीरा को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है।

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दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी
गृहमंत्री रामलिंगा रेड्डी ने देर रात गए मौके पर जाकर बचावकार्य का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह भवन पुराना नहीं है और भवन के मालिक ने इसे दोबारा बनवाना शुरू किया था। लेकिन घटिया सामग्री का उपयोग किया गया इस कारण भवन ढह गया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में बीबीएमपी के क्षेत्रीय इंजीनियर और भवन के मालिक रफीक अहमद की पत्नी को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
उन्होंने भाजपा द्वारा इस संबंध में बीबीएमपी के भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाने पर कहा कि भाजपा के पास और कोई काम नहीं है इसलिए वे हर बात पर राजनीति करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि बेंगलूरु विकास मंत्री केजे जार्ज मामले को खुद देख रहे हैं।
इससे पहले जार्ज ने भी मौके का मुआयना किया और अधिकारियों को किसी भी संभावित घायल को जल्दी से जल्दी राहत पहुंचाने और बचाव कार्य मुस्तैदी से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की।
बीबीएमपी के आयुक्त मंजूनाथ प्रसाद ने भी मौके का निरीक्षण किया कहा कि भवन गिरने के सही कारण का जांच के बाद ही पता चलेगा। उन्होंने कहा कि अभी यह प्राथमिकता नहीं है। पहली प्राथमिकता बचाव कार्य पूरा करना है ताकि जो भी अंदर फंसा हो उसे बचाया जा सके। लेकिन बाद में पूरी जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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