कर्नाटक : 30 बच्चों को मिला कोवैक्सीन का पहला डोज

- एमएमसीआरआइ ने शुरू की क्लिनिकल ट्रायल

By: Nikhil Kumar

Published: 11 Jun 2021, 05:13 PM IST

मैसूरु. जिले में बच्चों के लिए कोरोना वायरस वैक्सीन की क्लिनिकल ट्रायल शुरू हो गई है। मैसूरु मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (एमएमसीआरआइ) में 12-18 आयु वर्ग के 30 बच्चों को भारत बॉयोटक द्वारा निर्मित देशी वैक्सीन कोवैक्सीन की पहली खुराक दी गई है। राज्य में केवल एमएमसीआरआइ ही एक अस्पताल है, जहां यह ट्रायल की जा रही है।

एमएमसीआरआइ (Mysore Medical College & Research Institute) के डीन डॉ. सी. पी. नंजराज ने बताया कि बच्चों को छह जून को वैक्सीन लगाई गई। अब तक 30 में से 10 बच्चों ने ही टीका लगने वाली जगह पर हल्के दर्द की शिकायत की है। इसके अलावा और किसी बच्चे को कोई शिकायत नहीं है। ट्रायल के लिए कुल 53 बच्चों की स्क्रीनिंग हुई थी। सक्रिय कोरोना वायरस संक्रमण या पहले से ही शरीर में एंटीबॉडी पाए जाने के कारण 23 बच्चों को ट्रायल में शामिल नहीं किया जा सका। चयनित बच्चे सभी प्रकार की सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से हैं। इनके माता-पिता की शैक्षणिक, कृषि, वैज्ञानिक और व्यावसायिक पृष्ठभूमि है।

डॉ. नंजराज ने बताया कि टीका लगने के दिन से बच्चे 208 दिनों तक निगरानी में रहेंगे। ऐसे में दिसंबर या जनवरी में ही निगरानी अवधि समाप्त होगी। इस दौरान बच्चे पांच बार अस्पताल आएंगे। हर बार उनके रक्त के नमूनों में कोरोना वायरस के खिलाफ विकसित आइजीजी एंटीबॉडी की जांच होगी।

2 से 6, 6 से 12 और 12 से 18 आयु वर्ग के 50-50 बच्चों की स्क्रीनिंग होगी। इस दौरान एंटीबॉडी की जांच के लिए रक्त के नमूने और आरटी-पीसीआर जांच के लिए नाक से नमूने लिए जाएंगे। दोनों जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही बच्चों को ट्रायल में शामिल किया जाएगा। 28 दिनों के अंतराल पर कोवैक्सीन की दो डोज दी जाएगी। सुरक्षा विश्लेषण के लिए बच्चे छह माह तक चिकित्सकीय निगरानी में रहेंगे।

डॉ. नंजराज के अनुसार ट्रायल के लिए बच्चों को ढूंढना नहीं पड़ा। जैसे ही पीडियाट्रिक क्लिनिकल ट्रायल की खबर सामने आई, उत्सुक माता-पिता अपने बच्चों को स्वेच्छा से ट्रायल में शामिल करने के लिए संपर्क करने लगे।

Nikhil Kumar Reporting
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