विप में नए समीकरण तलाश रही भाजपा

सभापति से भाजपा की नाराजगी - जनता दल-एस को मनाने के प्रयास

By: Sanjay Kulkarni

Published: 30 Sep 2020, 05:57 PM IST

बेंगलूरु. हाल में संपन्न मानसून सत्र के दौरान विधान परिषद में लामबंद विपक्ष कांग्रेस तथा जनता दल एस ने सत्ता पक्ष को पटखनी दी थी। परिणाम स्वरूप विधान सभा में पारित एक विधेयक विधान परिषद में खारिज होने के कारण भाजपा को करारा झटका लगा है।

विधान परिषद में कर्नाटक भूमि सुधार कानून की कुछ धाराओं में संशोधन के लिए लाए गए विधेयक पर देर रात एक बजे तक बहस होने के बाद भी बेनतीजा रहने से भाजपा के सदस्य नाराज हैं।विधान परिषद में सदन के नेता कोटा श्रीनिवास पुजारी समेत विधान परिषद के सदस्यों ने हाल में मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा के साथ मुलाकात कर सभापति प्रतापचंद्र शेट्टी के रुख पर नाराजगी व्यक्त की है।

भाजपा के सदस्यों का तर्क है कि कांग्रेस के सदस्यों नें सभापति पर दबाव बनाकर सदन में कुछ विधेयक पारित नहीं होने के हालात पैदा किए। भविष्य में ऐसी स्थिति को टालने के लिए भाजपा चाहती है कि सभापति बदला जाए। हालांकि भाजपा के पास सदन में बहुमत नहीं है। लेकिन सभापति पद जनता दल को देकर उपसभापति भाजपा का बनाने पर विचार किया जा रहा है।

कांग्रेस तथा जनता दल एस के रिश्ते अब पहले जैसे नहीं होने के कारण भाजपा में जनता दल के साथ परोक्ष गठबंधन चाहती है। ताकि सदन में विधेयक पारित करने में आसानी हो। इससे पहले सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य बसवराज होरट्टी को कांग्रेस ने सभापति पद का वादा किया था लेकिन अंतिम समय में कांग्रेस इस वादे से मुकर गई थी।

भाजपा अब कांग्रेस के बरताव से आहत बसवराज होरट्टी को ही सभापति बनाने की संभावना टटोल रही है। विधान परिषद में इससे पहले भाजपा तथा जनता दल-एस के बीच गठबंधन के कारण भाजपा का सभापति तथा जद-एस का उपसभापति बना था। भाजपा फिर एक बार जद-एस की मदद से विधान परिषद में वर्चस्व बनाना चाहती है।

Sanjay Kulkarni Reporting
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