कांग्रेस से सत्ता छीनने के लिए भाजपा पूरी तरह तैयार : पात्रा

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सम्बित पात्रा ने कहा कि उनकी पार्टी कर्नाटक में कांग्रेस से सत्ता छीनने को पूरी तरह तैयार है।

By: शंकर शर्मा

Published: 25 Apr 2018, 05:26 AM IST

बेंगलूरु. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सम्बित पात्रा ने कहा कि उनकी पार्टी कर्नाटक में कांग्रेस से सत्ता छीनने को पूरी तरह तैयार है। उन्होंने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कर्नाटक की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह से साफ है। राज्य में कांग्रेस के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर और भाजपा के पक्ष में माहौल है।

15 मई को भाजपा के बीएस येड्डियूरप्पा का मुख्यमंत्री बनना तय है। उन्होंने गृह क्षेत्र के बजाय सुरक्षित सीट सुनने के लिए मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या की आलोचना करते हुए कहा कि सिद्धरामय्या ने दिल्ली में दो सीटों से चुनाव नहीं लडऩे को कहा था लेकिन उन्होंने विरोधाभासी बयान देकर प्रदेश की जनता को गुमराह किया है। सच तो यह है कि वे चामुंडेश्वरी सीट पर चुनाव जीतने को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। 15 मई के बाद वे बेनामी हो जाएंगे।

उन्होंने कहा कि न तो कांग्रेस ना ही जनता दल (ध) को चुनाव जीतने का यकीन है और वे चुनाव का सामना करने से हिचकिचा रहे हैं। इसका उदाहरण पूर्व मंत्री अम्बरीश व एम.आर.सीताराम हैं, जिन्होंने टिकट मिलने के बाद भी चुनाव लडऩे से इनकार कर दिया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जी. परमेश्वर भी दो सीटों से चुनाव लडऩे की सोच रहे थे क्योंकि उन्हें जीतने का यकीन नहीं है। कुमारस्वामी भी जीत को लेकर आश्वस्त नहीं है लिहाजा वे रामनगर व चेन्नपट्टण से चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन येड्डियूरप्पा को अपनी जीत का पूरा यकीन है। इस मौके पर पार्टी की प्रदेश महासचिव शोभा करंदलाजे व प्रवक्ता अश्वथ नारायण भी उपस्थित थे।

द्वेष और ब्लैकमेल की राजनीति
प्रदेश भाजपा महासचिव शोभा करंदलाजे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने द्वेेष व ब्लेकमेल की राजनीति के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया है। आनंद सिंह व नागेन्द्र के खिलाफ लौह अयस्क के अवैध निर्यात के प्रकरणों को एसआइटी से वापस लेने से यह बात साबित होती है।

उन्होंने कहा कि सीबीआइ विशेष न्यायालय ने सबूत नहीं मिलने पर दोानों को दोषमुक्त कर दिया था। लेकिन उन्हें डरा धमकाकर पार्टी में शामिल करने के लिए राज्य सरकार ने उनके खिलाफ प्रकरणों की जांच के लिए एसआइटी का गठन कर दिया। जिसके बाद ये दोनों नेता घबराकर कांग्रेस में शामिल हो गए। 18 मार्च को एसआईटी ने उनके खिलाफ दायर तमाम प्रकरण वापस ले लिए और उन्हें दोषमुक्त कर दिया। यह कांग्रेस की ब्लेकमेल की राजनीति का जीता जागता उदाहरण है।

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शंकर शर्मा
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