भाजपा का धरना: मानीपाड़ी रिपोर्ट सार्वजनिक हो

भाजपा का धरना: मानीपाड़ी रिपोर्ट सार्वजनिक हो

Ram Naresh Gautam | Publish: Sep, 07 2018 05:52:24 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

अनियमिताओं की सीबीआइ जांच की भी मांग

बेंगलूरु. राज्य में वक्फ संपत्तियों के गबन के बारे में पेश की गई अनवर मानीपाड़ी की रिपोर्ट को सदन में पेश करने व इस प्रकरण की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) से जांच की मांग के साथ भाजपा नेताओं ने गुरुवार को विधानसौधा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना दिया। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष कोटा श्रीनिवास पुजारी सहित अन्य नेताओं ने कर्नाटक अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनवर मानीपाड़ी की रिपोर्ट को सदन में पेश किए जाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार को अल्पसंख्यकों के साथ वास्तव में हमदर्दी है तो इस रिपोर्ट को सदन में पेश करके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि कर्नाटक उच्च न्यायालय ने भी इस रिपोर्ट को सदन में पेश करने के निर्देश दिए हैं। कोटा श्रीनिवास पुजारी ने कहा कि अनवर मानीपाड़ी की रिपोर्ट सदन में जब तक पेश किया नहीं जाता तब तक भाजपा आंदोलन जारी रखेगी। पूर्व उपमुख्यमंत्री आर. अशोक ने कहा कि यह सरकार कितने दिनों तक सत्ता में रहेगी यह तो पता नहीं है पर पतन से पहले उसे रिपोर्ट को पेश करके अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करनी चाहिए। यदि वक्फ संपत्तियों का गबन नहीं हुआ है तो सरकार रिपोर्ट पेश करने वाले के खिलाफ भी करे।

अनवर मानीपाड़ी ने कहा कि वक्फ संपत्तियों के गबन के बारे में उनकी रिपोर्ट के पेश होने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष अब्दुल अजीम ने कहा कि शहर की एक पांच सितारा होटल भी वक्फ बोर्ड की संपत्ति है। इस होटल में वक्फ मंत्री के लिए एक कमरा हर समय आरक्षित रखा जाता है। इस घोटाले की सीबीआइ से जांच करवाई जाए तो सारी सच्चाई समाने आ जाएगी।


सीएम हटाने की ताकत बेलगावी में है: प्रभाकर
इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य प्रभाकर कोरे ने कहा है कि बेलगावी तहसील ग्रामणी विकास बैंक के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव के संबंध में गोकाक के जारकीहोल्ली बंधुओं व विधायक लक्ष्मी हेब्बालकर के बीच खींचतान कांग्रेस का अंदरूनी मसला है। उससे हमारा कोई सरोकार नहीं है। लक्ष्मी हेब्बालकर लिंगायत समुदाय से हैं और वे भी इसी समुदाय से हैं। इसी वजह से कांग्रेस के नेताओं के मतभेद में हमारा नाम जोडऩा अनुचित है।

उन्होंने कहा कि किसी भी मुख्यमंत्री को पद से हटाने की ताकत बेलगावी जिले राजनीति के पास है। पूर्व में वीरेन्द्र पाटिल को बेलगावी जिले की ही राजनीति ने प्रदेश का मुख्यमंत्री बनवाया था और उनको पद से हटाने में भी इसी जिले की राजनीति का हाथ रहा था और इस बात को सभी जानते हैं। यह सच है कि बेलगावी जिले का कोई शख्स आज तक मुख्यमंत्री नहीं बन पाया, लेकिन मुख्यमंत्री बनाना व हटाना बेलगावी जिले के राजनेता
जानते हैं।

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