भूमि गैर अधिसूचित करने पर भाजपा के आरोप बेबुनियाद

Shankar Sharma

Publish: Oct, 12 2017 08:26:29 (IST)

Bangalore, Karnataka, India
भूमि गैर अधिसूचित करने पर भाजपा के आरोप बेबुनियाद

सत्ता में आने के बाद भूमि डीनोटिफिकेशन का कोई आदेश जारी नहीं करने की बात दोहराते हुए मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने बुधवार को भाजपा के सभी आरोप

बेंगलूरु. सत्ता में आने के बाद भूमि डीनोटिफिकेशन का कोई आदेश जारी नहीं करने की बात दोहराते हुए मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने बुधवार को भाजपा के सभी आरोप बेबुनियाद व तुच्छ करार दिए।


मुख्यमंत्री ने संवाददाता सम्मेलन में भाजपा के आरोपों पर विस्तार से जवाब देते हुए कहा कि भाजपा नेता बी.जे.पुट्टस्वामी के आरोप बेबुनियाद, तुच्छ व राजनीति से प्रेरित हैं। पुट्टस्वामी ने आरोप लगाया कि उत्तर तालुक के भूपसंदरा के सर्वे क्रमांक 20 व 21 की 6 एकड़ से अधिक भूमि को डीनोटिफाई करने के लिए मुख्यमंत्री प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार हैं और इसे हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए डीनोटिफाई किया गया है।


सिद्धरामय्या ने कहा कि बीडीए के भूखंडों के आवंटियों की भूमि मालिकों के साथ लंबी कानूनी लड़ाई के बाद जारी कोर्ट आदेशों के कारण उलझन पैदा हुई है। मैं इस मामले में किसी तरह शामिल नहीं हूं। भाजपा के पास मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कोई दस्तावेज पेश नहीं किए बल्कि वास्तविकता को छिपाने का प्रयास किया है। जिन लोगों ने उनके खिलाफ आरोप लगाए हैं, वे उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने इस मामले में अपने किसी भी प्रकार का संबंध होने से इंकार करते हुए कहा कि विपक्ष के पास कोई दस्तावेज हो तो उसे पेश करे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि मूल रूप से 131.33 एकड़ भूमि अवाप्त की गई थी जिसमें से 108.17 एकड़ के बारे में प्रारंभिक अधिसूचना जारी की गई। इसमें से केवल 13.36 एकड़ जमीन पर लेआउट बनाया गया। उन्होंने बताया, कोर्ट ने कहा चूंकि बीडीए इस योजना को विकसित करने में विफल रहा है लिहाजा अधिग्रहण निष्प्रभावी हो जाता है।


भाजपा के भूमि डीनोटिफाई करने संबंधी पत्र पर उनके हस्ताक्षर होने के आरोप पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पूर्व विधायक वसंत बंगेरा इस मामले में मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें पत्र लिखा था। इस पत्र पर उन्होंने अधिकारियों के लिए केवल नोट लिखा कि एग्जामिन एंड डिस्कस। इसी के मद्देनजर बीडीए ने रिपोर्ट पेश की और कानून विभाग ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देना उचित नहीं है। मेरा इस प्रकरण में कोई हाथ नहीं है। भाजपा को 2018 का चुनाव हारने का भय सता रहा है इसी वजह से वे मेरे खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।

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