ब्लैक फंगस : इम्यूनोमॉड्यूलेटिंग दवा का नहीं होगा उपयोग

- मधुमेह के नियंत्रण पर खास जोर
- कम हो स्टेरॉयड का उपयोग

By: Nikhil Kumar

Published: 20 May 2021, 11:39 AM IST

बेंगलूरु. ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों के बीच कर्नाटक सरकार ने इस बीमारी से संबंधित दिशा-निर्देश जारी कर कोविड से उबरे मरीजों को सावधानी बरतने की अपील की है। मधुमेह, कैंसर, टीबी, गुर्दा व अंग प्रत्योरोपण सहित विभिन्न कारणों से स्टेरॉयड आदि दवा ले रहे कोविड इस इससे उबर चुके मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। चेहरे का दर्द, गाल दर्द, नाक से खून, नाक से दुर्गंधयुक्त स्राव, नाक में पपड़ी जमना, तालू का रंग बदलना, आंखों के पीछे दर्द होना, एक के दो दिखना, दांतों का ढीला होना, बंद नाक, आंखों में सूजन, लालीपन व देखने में दिक्कत आदि समस्याओं को किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

मधुमेह सहित अन्य गंभीर बीमारियों से पीडि़त अस्पताल में भर्ती कोविड मरीजों का उपचार विशेष चिकित्सकों की टीम के अंतर्गत होगा। चिकित्सकों को स्टेरॉयड के न्यूनतम उपयोग व इम्यूनोमॉड्यूलेटिंग दवा बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि बीते एक माह के दौरान देश के अलग-अलग राज्यों में कोविड मरीजों में ब्लैक फंगस के कई मामले सामने आए हैं। मरीजों की मौत भी हुई है। कर्नाटक में भी ९७ से ज्यादा मरीज मिले हैं।

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Nikhil Kumar Reporting
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