कर्नाटक : मरीजों के आगे कम पड़े बिस्तर

- शहर में ब्लैक फंगस के 1034 मामले
- उपचार की तैयारी में जुटे अन्य सरकारी अस्पताल

By: Nikhil Kumar

Updated: 27 Jun 2021, 03:44 PM IST

बेंगलूरु. ब्लैक फंगस (Black Fungus) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। शहर में अब तक 1,034 मरीजों की पुष्टि हुई है। सरकार ने शहर के विक्टोरिया और बॉरिंग व लेडी कर्जन सरकारी अस्पताल में उपचार की व्यवस्था की है। लेकिन, मरीजों की बढ़ती संख्या के आगे बिस्तर कम पड़ गए हैं। मरीजों को अन्य अस्पताल जाना पड़ा रहा है। कुछ मरीजों को मल्लेश्वरम स्थित के. सी. जनरल सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

के. सी जनरल ने 130 कोविड बेड में से ब्लैक फंगस मरीजों के इलाज के लिए 30 बिस्तर आरक्षित किए हैं। विक्टोरिया में 100 बिस्तर आरक्षित हैं और अब तक 200 मरीजों का इलाज हुआ है। बॉरिंग ने 160 बेड आरक्षित किए हैं और अब तक 312 मरीजों का इलाज हो चुका है।

बेंगलूरु शहरी जिला सर्जन डॉ. ए. अहमद ने बताया कि बेंगलूरु में गत एक सप्ताह के दौरान ब्लैक फंगस के 74 मरीज मिले हैं। बढ़ते मामलों के कारण जयनगर जनरल अस्पताल, सी. वी. रमन सरकारी अस्पताल और यलहंका जनरल अस्पताल को भी उपचार के लिए तैयार किया जा रहा है। ईएनटी व नेत्र रोग विशेषज्ञों की कमी के कारण कृष्णराजपुरम जनरल अस्पताल व महामारी रोग अस्पताल में ब्लैक फंगस के मरीजों का उपचार संभव नहीं है।

केसी जनरल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी. आर वेंकटेशैय्या ने बताया कि बेंगलूरु में मरीज बढऩे के कारण स्वास्थ्य विभाग ने करीब एक सप्ताह पहले 30 बेड वाला म्यूकोर्मिकोसिस वार्ड शुरू करने के लिए कहा था। अस्पताल में 130 कोविड बिस्तर हैं। अस्पताल में 20 लिपोसोमल एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन उपलब्ध है।

सी. वी. रमन जनरल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एच. डी. आर. राधाकृष्ण ने बताया कि अस्पताल में एक नेत्र रोग विशेषज्ञ और एक इएनटी चिकित्सक है। लेकिन, मैक्सिलोफेशियल सर्जन और लैब नहीं है। एमआरआइ सुविधा भी नहीं है।

जयनगर जनरल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रामकृष्णप्पा के अनुसार अस्पताल में 125 कोविड बेड हैं। अस्पताल में अब तक ब्लैक फंगस के आठ मामले सामने आ चुके हैं। सभी को अन्य अस्पताल रेफर किया गया। स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के बाद मरीजों को अब इसी अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। अस्पताल में दो इएनटी सर्जनए, चिकित्सक, दो नेत्र सर्जन, पांच सामान्य सर्जन और दो मैक्सिलोफेशियल सर्जन की 11 सदस्यीय टीम है।

Nikhil Kumar Reporting
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