विधानमंडल का बजट सत्र : सरकार के सामने कई परेशानियां

जल संसाधन मंत्री रमेश जारकीहोली के खिलाफ यौन उत्पीडऩ के आरोपों के कारण बेहद शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है और विपक्ष इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ पक्ष को झुकाने की पूरी कोशिश करेगा।

By: Sanjay Kumar Kareer

Published: 03 Mar 2021, 10:11 PM IST

बेंगलूरु. कर्नाटक विधानमंडल के गुरुवार से शुरू हो रहे बजट सत्र में कई मुद्दों पर हंगामे की आशंका है। इनमें विभिन्न समुदायों द्वारा बेहतर आरक्षण की मांग और एक मंत्री के खिलाफ यौन उत्पीडऩ के आरोप जैसे मामले भी हैं, जिनसे सदन की कार्यवाही पर असर होगा। बजट सत्र 31 मार्च तक चलेगा।

सत्र के पहले दो दिन वन नेशन, वन इलेक्शन पर चर्चा होगी। वित्त मंत्रालय भी संभालने वाले मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा आठ मार्च को राज्य का बजट पेश करेंगे। सदन में वन नेशन, वन इलेक्शन पर चर्चा गुजरात में आयोजित राज्य विधानसभाओं के वक्ताओं की एक बैठक के दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह के बाद हो रही है।

सत्र के दौरान मौजूदा आरक्षण को संशोधित करने के लिए राज्य में प्रमुख वोक्कालिगा और वीरशैव-लिंगायत सहित विभिन्न समुदायों की मांगें सामने आने की संभावना है। पंचमशाली लिंगायतों के एक धर्मगुरु ने राज्य के कोटे में समुदाय को एक विशेष श्रेणी के तहत लाने की मांग करते हुए भूख हड़ताल पर जाने की धमकी दी है।

सरकार के लिए परेशानी का विषय यह भी है कि येडियुरप्पा के जाने-माने आलोचक पार्टी के विधायक बसनगौड़ा पाटिल यत्नाल ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की धमकी दी है।

पिछड़ा कुरुबा समुदाय अनुसूचित जनजाति के तहत आने की मांग कर रहा है और वाल्मीकि समुदाय अपने एसटी कोटे को 3 फीसदी से बढ़ाकर 7.5 फीसदी करने का दबाव बना रहा है। सत्र के दौरान यह मसला भी उठने की संभावना है।

सत्र के कुछ ही दिन पहले सरकार को जल संसाधन मंत्री रमेश जारकीहोली के खिलाफ यौन उत्पीडऩ के आरोपों के कारण बेहद शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है, जारकीहोली ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि इस्तीफे से सरकार को सत्र के दौरान और अधिक शर्मिंदगी से बचने में मदद मिलेगी, लेकिन इस बात के पूरे आसार हैं कि विपक्ष इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ पक्ष को झुकाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेगा।

लेकिन यह बजट सत्र होने के कारण विपक्ष राज्य सरकार पर वित्तीय मसलों से निपटने में अक्षमता, कोविड-19 महामारी के बीच विकास कार्यों के लिए फंड का आवंटन और केंद्र से अपने हिस्से का धन प्राप्त करने में विफलता को लेकर सरकार पर हमले करेगा।

Sanjay Kumar Kareer Desk
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