अजा-जजा समुदायों में विश्वास पैदा करें : सीएम

अनुसूचित जाति तथा जनजाति के लोगों की प्रताडऩा रोकने के लिए कड़े कानून

By: Sanjay Kulkarni

Published: 12 Nov 2020, 07:06 PM IST

बेंगलूरु. अनुसूचित जाति तथा जनजाति के लोगों की प्रताडऩा रोकने के लिए कड़े कानून बनाए गए हैं। इस कानून के तहत मामले दर्ज किए जा रहे हैं। लेकिन इन मामलों को तार्किक अंत तक नहीं पहुंचाया जा रहा है। लिहाजा इसके लिए पुलिस को विशेष प्रयास करने होंगे। मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा ने यह बात कही।

यहां समाज कल्याण विभाग की राज्य स्तरीय समिति की बैठक में उन्होंने कहा कि अजा-जजा समुदाय के लोगों को निर्भय बनाने के लिए ऐसे कानून तो बनाए गए हैं लेकिन कई मामलों में सबूतों के अभाव प्रताडऩा करने वालों को सजा नहीं मिलना चिंता की बात है। ऐसे में कडे कानून बनाना बेअसर साबित होगा।

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में लिप्त लोगों को सजा सुनिश्चित करना हमारा दायित्व है। इन मामलो में लिप्त लोग सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सजा से बचने का प्रयास कर रहे हैं। गवाही देने वालों को धमकाया जा रहा है। इस स्थिति को बदलकर इस समुदाय के मन में विश्वास पैदा करना होगा।

ऐसे मामलों में पीडि़तों को अभी तक इस वर्ष 30 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया गया है। जहां बंजारा तथा अजा-जजा समुदाय के 100 उपभोक्ता है ऐसी बस्तियों मे सरकारी राशन की दुकानें स्थापित करनी चाहिए। इसके लिए जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए गए हंै।

Sanjay Kulkarni Reporting
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