घर-परिवार में भी मर्यादा का दीप जले-साध्वी अणिमाश्री

हाजरी का वाचन

By: Yogesh Sharma

Published: 30 Dec 2020, 08:56 AM IST

बेंगलूरु. गांधीनगर तेरापंथ भवन में साध्वी अणिमाश्री एवं साध्वी मंगलप्रज्ञा के सान्निध्य में श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति में हाजरी का वाचन किया गया। साध्वी अणिमाश्री ने परिषद के बीच हाजरी का वाचन करते हुए कहा जिन्दगी के अंतिम पल तक पराक्रम की पैनी छैनी से बाधाओं के पर्वतों को हटाते रहें, जिनके आत्मविश्वास ने तेरापंथ जैसा मर्यादित, अनुशासित धर्मसंघ दिया, ऐसे आचार्य भिक्षु द्वारा निर्मित मर्यादाएं चतुर्विध धर्मसंघ के लिए रक्षा कवच हैं। एक आचार, एक विचार और एक आचार्य केन्द्रित तेरापंथ धर्मसंघ प्रत्येक साधक की शरणस्थली बना हुआ है। साध्वी ने कहा केवल एक धर्मसंघ के लिए ही मर्यादा व अनुशासन जरूरी है, ऐसा नहीं बल्कि मैं सोच रही हूं घर परिवार में भी कुछ सिमा रेखाएं, मर्यादित होनी चाहिए।अनुशासन के दीप जलने चाहिए ताकि स्वच्छंदता का अंधकार कम हो सके। मर्यादा ऐसी लक्ष्मण रेखा है जो, व्यक्ति, परिवार व समाज को विकास के शिखर का स्पर्श करा सकती है। अपेक्षा है हर व्यक्ति, हर साधक अपनी मर्यादा को समझे, जाने, पहचाने और प्रतिपल उसे आत्मसात करने की दिशा में अग्रसर होता रहे।
साध्वी मंगलप्रज्ञा ने कहा मर्यादित अनुशासित, आचार्य आज्ञानिष्ठ तेरापंथ धर्मसंघ आज अध्यात्म जगत का नेतृत्व कर रहा है। हर साधु-साध्वी मर्यादारूपी मकुट को धारण कर आत्मकल्याण व परकल्याण की दिशा में अग्रसर है। मर्यादा भार नही है, उपहार है। मर्यादा रूपी उपहार को दिल से स्वीकार करने वाला है क्षण गति-प्रगति करता है एवं खुशहाल जीवन जीता है। साध्वी शौर्यप्रभा ने अपने भावों की प्रस्तुति दी।

Yogesh Sharma Reporting
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