बस सेवा बंद, अस्पताल नहीं पहुंच पाए मरीज

प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में बुधवार को भी मरीजों की संख्या लगभग एक तिहाई रही। आम दिनों में मरीजों से खचाखच भरा रहने वाला विक्टोरिया सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों पर मरीजों का बोझ करीब ६० फीसदी कम था।

By: Santosh kumar Pandey

Published: 10 Jan 2019, 07:24 PM IST

बेंगलूरु. प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में बुधवार को भी मरीजों की संख्या लगभग एक तिहाई रही। आम दिनों में मरीजों से खचाखच भरा रहने वाला विक्टोरिया सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों पर मरीजों का बोझ करीब ६० फीसदी कम था।

विक्टोरिया के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सतीश एच.एस. ने बताया कि यहां आने वाले ज्यादातर मरीज गरीब परिवार से होते हैं। यात्रा के लिए बसों पर निर्भर रहते हैं। बस सेवा ठप रहने से मरीज अस्पताल नहीं पहुंच सकें। विक्टोरिया परिसर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोयूरोलॉजी के ओपीडी में भी मरीजों की संख्या ४५ फीसदी ही रही। हर दिन यहां करीब ४०० मरीज पहुंचते हैं। करीब ३० फीसदी मरीज डायलिसिस नहीं करा सके। वहीं जयदेवा इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवैस्क्यूलर साइंसेस के निदेशक डॉ. मंजूनाथ के अनुसार करीब ६० फीसदी मरीज अस्पताल पहुंचे थे।

वाणी विलास की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गीता शिवमूर्ति ने बताया कि ओपीडी में चिकित्सकों ने करीब २०० मरीजों को देखा। बोरिंग एंड लेडी कर्जन अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रवि ने बताया कि बुधवार को मरीजों की संख्या ज्यादा रही।

Santosh kumar Pandey Desk
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