डीके शिवकुमार के लिए पहली अग्निपरीक्षा

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति की कमान संभलनेवाले डीके शिवकुमार के लिए रायचूरु जिले का मस्की विधानसभा क्षेत्र तथा बेंगलूरु शहर का राजराजेश्वरी विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव में कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करना चुनौती होगी। क्यों की वर्ष 2018 में हुए चुनाव में इन दोनों क्षेत्रों पर कांग्रेस का ही कब्जा था। सत्ता के बगैर इन क्षेत्रों पर कांग्रेस का कब्जा बरकरार रखने के लिए क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उत्साहित करना शिवकुमार के लिए आसान नहीं होगा

बेंगलूरु.उच्च न्यायालय में राजराजेश्वरीनगर क्षेत्र को लेकर एक याचिका की सुनवाई पूरी होने के कारण इस क्षेत्र के चुनाव के लिए अब कोई कानूनी अवरोध नहीं होने के कारण प्रायश: अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह मेें चुनाव आयोग इन दोनों क्षेत्रों के उपचुनाव की घोषणा कर सकता है। इन दोनों क्षेत्र में कांग्रेस तथा जनता दल (एस) साझा प्रत्याशी उतारेंगे या जनता दल (एस) भी अपना प्रत्याशी उतारेगा इसके बारे में अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। यह चुनाव डीके शिवकुमार के संगठन कौशल के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।संगठन पर पकड़ बनाने से पहले ही डीके शिवकुमार को इस पहली अग्निपरीक्षा से गुजरने की नौबत आ सकती है। साथ में सत्तासीन भाजपा तथा जनता दल (एस) भी इस उपचुनाव को गंभीरता से लेने के कारण यहां का मुकाबला काफी दिलचस्प हो सकता है।

मस्की क्षेत्र में जनता दल (एस) का जनाधार नहीं होने के कारण वहां पर साझा प्रत्याशी उतारना कांग्रेस के लिए आसान होगा। लेकिन वोक्कलिगा बहुल राजराजेश्वरीनगर में साझा प्रत्याशी के लिए जनता दल (एस) को मनाना डीके शिवकुमार के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा। कांग्रेस के टिकट पर जीतनेवाले दोनों प्रत्याशी अब भाजपा में शामिल हुए है तथा उपचुनाव में भी सत्तासीन भाजपा का इन दो प्रत्याशियों को ही पुन: टिकट देना तय होने के कारण से विपक्ष को सामने सत्तासीन दल के प्रत्याशी को हराने की चुनौती होगी। राजराजेश्वरीनगर विधानसभा क्षेत्र के लिए भाजपा के संभाव्य प्रत्याशी मुनिरत्ना ने अभी से क्षेत्र में सक्रिय होकर चुनावी तैयारियां शुरु की है।

कांग्रेस इस क्षेत्र में पूर्व विधायक प्रियाकृष्णा को प्रत्याशी बना सकती है। मस्की में प्रतापगौडा को भाजपा का टिकट मिलना तय है। सत्तासीन भाजपा ने इन दोनों क्षेत्रों के विकास के लिए करोड़ों रुपए का अनुदान जारी कर विपक्ष की राह कठिन कर दी है।मस्की क्षेत्र में कांग्रेस के टिकट के लिए बीवी नायक तथा हंपय्या नायक ने दावेदारी पेश की है।इस स्थिति को देखते हुए इन दोनों क्षेत्रों में सत्तासीन भाजपा को चुनौती देने के लिए कांग्रेस तथा जनता दल (एस) को साझा प्रत्याशी उतारना अनिवार्य हो गया है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 के चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी प्रतापगौडा ने भाजपा के प्रत्याशी बसवनगौडा तुरवीहाल को केवल 218 मतों के अंतर से हराया था। ऐसे में प्रतापगौडा पाटिल को भाजपा का टिकट मिलने से बसवनगौडा तुरवीहाल नाराज चल रहें है। राजराजेश्वरी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की अच्छी पैठ है।वर्ष 2018 के चुनाव में यहां कांग्रेस के प्रत्याशी १ लाख 10 हजार से अधिक मत प्राप्त हुए थे। ऐसे में यहां विपक्ष का साझा प्रत्याशी सत्तासीन भाजपा के प्रत्याशी को कडी चुनौती दे सकता है।

Sanjay Kulkarni Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned