उपचुनावों के परिणाम से तय होगा भाजपा सरकार का भविष्य: कुमारस्वामी

कुमारस्वामी ने कहा कि येडियूरप्पा ही कह रहे हैं कि आट सीटों पर जीत हासलि नहीं होने पर सरकार गिर जाएगी। ऐसे में तब वे गठबंधन के लिए क्यों बोलना चाहेंगे। 9 दिसम्बर तक प्रतीक्षा की जाएगी और इसके बाद के घटनाक्रम को देखकर निर्णय किया जाएगा।फिलहाल अयोग्य विधायकों को हराना ही हमारा लक्ष्य है और वे फिलहाल भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा नहीं करना चाहते हैं।

बेंगलूरु
जनतादल-एस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि 9 दिसम्बर को उपचुनाव के परिणाम आने के बाद मुख्यमंत्री बी.एस.येडियूरप्पा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार का भविष्य तय हो जाएगा।


कुमारस्वामी ने गुरुवार को मैसूरु में अस्पताल में उपचार करवा रहे कांग्रेस के विधायक व पूर्व मंत्री तनवीर सेत से भेंट की और उनके स्वास्थ्य का हाल चाल पूछा। इसके बाद उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि हमें इन उपचुनावों से सदस्यता से अयोग्य ठहराए विधायकों को सटीक सबक सिखाने की आवश्यकता है।


उपचुनाव के बाद भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिलने पर जद-एस के भाजपा को समर्थन देने के वरिष्ठ नेताओं के बयानों को लेकर पूछे सवाल के जवाब में कुमारस्वामी ने कहा कि येडियूरप्पा ही कह रहे हैं कि आट सीटों पर जीत हासलि नहीं होने पर सरकार गिर जाएगी। ऐसे में तब वे गठबंधन के लिए क्यों बोलना चाहेंगे। 9 दिसम्बर तक प्रतीक्षा की जाएगी और इसके बाद के घटनाक्रम को देखकर निर्णय किया जाएगा।फिलहाल अयोग्य विधायकों को हराना ही हमारा लक्ष्य है और वे फिलहाल भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा नहीं करना चाहते हैं।


उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में दल- बदल कानून ने अपनी अहमियत खो दी है और जो लोग किसी दूसरी पार्टी के टिकट पर चुनाव जीते थे वे बिना किसी खेद के दूसरी पार्टी में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से भाजपा की सरकार सत्ता में आई है तभी से समाजकंटक तत्वों ने सरकार से डरना छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि तनवीर सेट पर हमले की पुलिस जांच कर रही है और राजनीति दलों के लिए किसी व्यक्ति या संगठन को दोषी ठहराना जल्दबाजी होगी। जब तक पुलिस जांच पूरी करके साजिश की जड़ों तक नहीं पहुंच जाती तब तक जन प्रतिनिधियों को बयान देने से बचना चाहिए। उन्होंने हमले की इस घटना को गुप्तचर विभाग की विफलता मानने से मना कर दिया और कहा कि सुरक्षा के कदमों के बावजूद राजनेताओं को जनता के करीब जाना पड़ता है पर सेत पर हमले के बाद राजनेताओं को सावधान हो जाना चाहिए।


उपचुनावों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि चुनावी माहौल अभी गर्माना शेष है और गैंद मतदाताओं के पाले में हैं कि वे दल बदलुओं को खारिज कर दे। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरेकेरूर से चुनाव लड़ रहे अयोग्य विधायक को चुनाव हार जाने का डर होने के कारण मठ प्रमुख शिवलिंगास्वामी पर मैदान के हटने के लिए दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री येडियूरप्पा के 12 दिनों तक जनहित के मसलों को भूलकर उपचुनावों पर ध्यान केन्द्रित करने के मंत्रियों को कथित निर्देश देने की आलोचना की।

Surendra Rajpurohit
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