हिंदी भाषा पर चर्चा करने से पूर्व सर्वदलीय बैठक बुलाएं

हिंदी भाषा पर चर्चा करने से पूर्व सर्वदलीय बैठक बुलाएं

Shankar Sharma | Updated: 04 Jun 2019, 11:24:23 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

पूर्व मंत्री एच.के. पाटील ने कहा है कि केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति के त्रिभाषा फार्मूले के तहत हिंदी भाषा के बारे में विचार करने से मुख्यमंत्री को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए।

गदग. पूर्व मंत्री एच.के. पाटील ने कहा है कि केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति के त्रिभाषा फार्मूले के तहत हिंदी भाषा के बारे में विचार करने से मुख्यमंत्री को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। वे गदग में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में त्रिभाषा सूत्र का प्रस्ताव रखा गया है।

इसके लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का अध्ययन कर केन्द्र को अपनी सलाह व्यक्त करने की बात कही है। इस विचार पर चर्चा करने के लिए सर्वदलीय सभा बुलाना सही होगा।

किसी भी व्यक्ति के व्यक्तिगत निर्णय लेने के बजाय सर्वदलीय सभा में चर्चा कर अंतिम निर्णय केन्द्र को भेजना ही सही रहेगा। इससे पहले एचके पाटील ने हुलकोटी हॉर्टिकल्चर फार्मर्स प्रोड्यूसर कम्पनी का उद्घाटन किया। उन्होंने गदग बागवानी विभाग गदग एवं केएच पाटील कृषि विज्ञान केन्द्र हुलकोटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित आपरेशन ग्रीन प्याज फसल के समग्र विकास योजना संबंधित किसान उत्पादन समूह एवं उद्यमियों के लिए आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन किया।

जर्जर बिजली के खंभे हटाने का कार्य मंथर गति से
बेंगलूरु. तेज हवाओं के साथ बारिश के दौरान बिजली के खंभे गिरने से हादसे हो रहे हैं। फिर भी बेंगलूरु बिजली वितरण कंपनी (बेस्कॉम) की ओर से जर्जर खंभे हटाने का काम मंथर गति से चल रहा है। शहर के पूर्व संभाग में ऐसे खतरनाक 1507 जर्जर खंभों की संख्या सबसे अधिक है।


हाल में बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) तथा बेस्कॉम की संयुक्त समीक्षा के मुताबिक शहर में जर्जर खंभों की संख्या 8 हजार से अधिक है। इनमें से अधिकतर खंभे ऐसे क्षेत्रों में हैं, जहां लोगों की चहल-पहल अधिक रहती है। प्राथमिकता के साथ इन खंभों को बदलना है, लेकिन यह काम धीमी गति से चल रहा है। बेस्कॉम के सूत्रों के मुताबिक शहर में खंभों की संख्या 4 लाख 85 हजार है। इनमें से 8053 को बदलना जरूरी है।

गत दो वर्ष से खंभों की मरम्मत तथा हटाने का कार्य चल रहा है। अभी तक 5,854 जर्जर खंबे हटाए गए हैं। शहर के दक्षिण संभाग में 522, पश्चिम में 405, पूर्व में 380, महादेवपुरा में 159, राजराजेश्वरी नगर संभाग में 293, बोम्मनहल्ली में 139, यलहंका में 145, दासरहल्ली में 156 कुल मिलाकर 2 हजार 199 बिजली खंभे बदले जाने अभी शेष हैं।

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