ज्ञानदृष्टि के बिना नहीं मिल सकता अमृत

ज्ञानदृष्टि के बिना नहीं मिल सकता अमृत

Shankar Sharma | Updated: 27 May 2019, 11:38:18 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

जैन आचार्य महेंद्र सागरसूरि, मुनि राजपद्मसागर एवं मुनि मेरुपद्मसागर आदि ठाणा रविवार को गदग पहुंचे।

गदग. जैन आचार्य महेंद्र सागरसूरि, मुनि राजपद्मसागर एवं मुनि मेरुपद्मसागर आदि ठाणा रविवार को गदग पहुंचे।
आचार्य महेंद्र सागर सूरि ने प्रवचन में कहा कि हवा के झोंके और झपट्टे से वृक्ष की डाली से झड़ते हुए पत्ते अलग-अलग दिशा में उड़ जाते हैं और अंत में नाश होते हैं, वैसे ही कर्मवश मिला परिवार व कबीला भी आयुष्य खत्म होते ही अलग-अलग गति में जाकर दु:ख-दर्द-पीड़ा भोगते हैं।


पत्तों की तरह ही परिवार के सदस्य भी एक दिन झड़ जाएंगे, पत्तों की तरह ही और न जाने किस गति में जाएंगे, उसका कुछ भी पता नहीं है। कोई भी जीव मृत्यु रूप पवन व हवा से बच नहीं पाएगा। यह बात जीवों को भयभीत करने के लिए नहीं कही है, परन्तु उनमें जो वैराग्यरस सुषुप्त है उस सुषुप्ति को दूर करने के लिए कही है। उन्होंने कहा कि इस ज्ञानदृष्टि के बिना अमर होने का अमृत जीव को कहीं से नहीं मिल सकता।


चर्म चक्षु से यह दिखता नहीं है। उसे देखने के वास्ते ज्ञान चक्षु ही चाहिए। मुनि मेरुपद्मसागर के संयमजीवन के ग्यारह वर्ष की पूर्णता कर बारहवें वर्ष में प्रवेश के लिए उपलक्ष्य में आचार्य ने कहा कि वर्षगांठ पर हर्षित क्यों होना? यह तो मृत्यु के निकट है उसका बयान है, गांठ यानी खुद का वर्ष जाए, उसका नाम वर्षगांठ। घर से निकलना त्याग है और खुद में से घर का राग जाए उसका नाम वैराग्य है। इस अवसर पर मनोज बाफणा, रमेश बदामिया, मुल्तान, निर्भयलाल, निर्मल,दिलीप सहित कई उपस्थित थे।

जीटी देवगौड़ा ने कहा हार से सबक सीखेंगे
बेंगलूरु. आम चुनाव में हार से कांग्रेस तथा जनता दल-एस के नेता सबक सीखेंगे, लेकिन इससे हतोत्साहित नहीं हैं। हार का गठबंधन सरकार पर कोई असर नहीं होगा। उच्च शिक्षा मंत्री जीटी देवगौड़ा ने यह बात कही। उन्होंने यहां शनिवार को कहा कि राज्य के विकास के लिए ही कांग्रेस तथा जद-एस ने गठबंधन किया है। गिणतंत्र में जनता का आदेश सर्वोपरि होता है। इसलिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एचडी देवगौड़ा समेत सभी नेताओं ने विनम्रता के साथ इस जनादेश को स्वीकारा है।


उन्होंने कहा कि प्रदेश भाजपा सरकार गिराने के लिए ऑपरेशन कमल चलाने की तैयारी में हैं, गठबंधन के नेता संगठित रूप से इस चुनौती का सामना करेंगे। आम चुनाव का जनादेश देश की संसद के लिए है, लिहाजा इसे राज्य सरकार के खिलाफ जनादेश करार देना गलत है। विधानसभा तथा लोकसभा के चुनाव अलग-अलग मुद्दों पर लड़े जाते हैं। हावेरी जिले के हिरेकेरुर क्षेत्र के कांग्रेसविधायक बीसी पाटिल ने उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं को सरे से खारिज किया है।


उन्होंने कहा कि ऐसी बातें बेबुनियाद हैं। उनका भाजपा में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है। साथ में किसी भी भाजपा नेता ने उनके साथ संपर्क नहीं किया है। किसी ने भी उनको मंत्री बनाने का ऑफर नहीं दिया है।

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