मार्च तक सुधर जाएगी नकदी की स्थिति: एचएएल

एचएएल ने कहा कि उसने 962 करोड़ रुपए का ओवरड्राफ्ट लिया है। उसे उम्मीद है कि मार्च महीने तक अनुमानित संग्रह के साथ नगदी की स्थिति में सुधार हो जाएगा। इसके साथ ही एचएएल ने हल्के लड़ाकू विमान एलसीए मार्क-1ए (तेजस मार्क-1 ए) और हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (एलसीएच) पर भी स्थिति स्पष्ट की है। एचएएल ने कहा है कि 83 एलसीए मार्क-1ए और 15 एलसीएच परियोजनाओं के अनुबंध अग्रिम चरण में है।

By: Santosh kumar Pandey

Published: 07 Jan 2019, 04:16 PM IST

९62 करोड़ रुपए का लिया ओवरड्रॉफ्ट
तेजस मार्क-1 ए और एलसीएच परियोजनाओं का अनुबंध अग्रिम चरण में
बेंगलूरु. कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की विमान निर्माता कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा उधार लेने का मामला राजनीतिक रूप से तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे पर रविवार को एचएएल ने सफाई पेश की है।

एचएएल ने कहा कि उसने 962 करोड़ रुपए का ओवरड्राफ्ट लिया है। उसे उम्मीद है कि मार्च महीने तक अनुमानित संग्रह के साथ नगदी की स्थिति में सुधार हो जाएगा। इसके साथ ही एचएएल ने हल्के लड़ाकू विमान एलसीए मार्क-1ए (तेजस मार्क-1 ए) और हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (एलसीएच) पर भी स्थिति स्पष्ट की है। एचएएल ने कहा है कि 83 एलसीए मार्क-1ए और 15 एलसीएच परियोजनाओं के अनुबंध अग्रिम चरण में है।

दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण को एचएएल को एक लाख करोड़ रुपए के अनुबंध देने से संबंधित दस्तावेज संसद में पेश करने की चुनौती देते हुए कहा कि अगर वह इसमें विफल रहती हैं तो उन्हेें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। रक्षा मंत्री ने संसद में तेजस मार्क-1ए (लगभग 50 हजार करोड़), एलसीएच (लगभग 3 हजार करोड़) तथा अन्य परियोजनाओं को गिनाते हुए कहा था कि एक लाख करोड़ रुपए का अनुबंध पाइपलाइन में है।

दरअसल, तेजस मार्क-1ए मानक के 83 युद्धकों का आर्डर प्रस्तावित है जिसपर अभी हस्ताक्षर नहीं हुआ है। तेजस मार्क-1ए विमानों की लागत पर उठे सवालों के बाद सरकार ने इसकी जांच के लिए एक समिति गठित की थी। एचएएल ने कहा कि उसने समिति को इस संदर्भ में स्पष्टीकरण सौंप दिया है।
एचएएल को शुरू में कुल 40 तेजस विमानों का आर्डर मिला था, जिसमें से 16 तेजस प्रारंभिक परिचालन मंजूरी (आईओसी) और 16 अंतिम परिचालन मंजूरी (एफओसी) मानक के सौंपे जाने हैं। शेष 8 ट्रेनर एयरक्राफ्ट एफओसी स्तर के ही सौंपने हैं। एफओसी मानक के तेजस विमानों के उत्पादन के बाद तेजस मार्क-1ए मानक के विमान तैयार किए जाएंगे।

तेजस को अंतिम परिचालन मंजूरी अभी नहीं मिली है और परियोजना में विलंब हुआ है। अंतिम परिचालन मंजूरी मिलने के बाद पहले 16 एफओसी मानक के विमानों का उत्पादन पूरा होगा। उसके बाद उन्नत तेजस मार्क-1ए विमानों का उत्पादन होगा।

सीतारमण के मुताबिक, वायु सेना को जिन 83 हल्के लड़ाकू विमान तेजस मार्क-1ए की आपूर्ति के लिए एचएएल को 49,797 करोड़ रुपए का अनुबंध दिया गया है वह तकनीकी आकलन चरण में है। वहीं अन्य अनुबंध 20 हजार करोड़ रुपए का है। यह अनुबंध कमोव केए 226टी हेलीकॉप्टर की आपूर्ति के लिए दिया गया है। एलसीएच का अनुबंध 3 हजार करोड़ रुपए का है। एचएएल ने सिर्फ दो परियोजनाओं तेजस मार्क-1 ए और एलसीएच का उल्लेख करते हुए कहा है कि इन परियोजनाओं के लिए अनुबंध अग्रिम चरण में है।

Santosh kumar Pandey Desk
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