सामायिक आराधना से मनाई संत मिश्रीमल व रूप मुनि की जयंती

सामायिक आराधना से मनाई संत मिश्रीमल व रूप मुनि की जयंती

Ram Naresh Gautam | Publish: Sep, 03 2018 06:02:26 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

ऑल इंडिया स्थानकवासी जैन कॉन्फ्रेंस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नेमीचंद चोपड़ा को गुरु मिश्री रजत स्मृति सेवा सम्मान से नवाजा

बेंगलूरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ चिकपेट शाखा के तत्वावधान में गोडवाड़ भवन में रविवार को मरुधर केसरी मिश्रीमल की 128 वीं तथा संत रूप मुनि की 94वीं जयंती पर उपाध्याय रविंद्र मुनि व रमणीक मुनि की निश्रा में गुणानुवाद सभा को दो-दो सामायिक आराधना के साथ मनाई गई। इस अवसर पर चिकपेट शाखा द्वारा रूप मुनि को युगदृष्टा की पदवी प्रदान की गई। वही ऑल इंडिया स्थानकवासी जैन कॉन्फ्रेंस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नेमीचंद चोपड़ा को गुरु मिश्री रजत स्मृति सेवा सम्मान से नवाजा गया। इस अवसर पर रविंद्र मुनि ने कहा कि जब जब महान पुरुषों को याद किया जाता है तब व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

मरुधर केसरी ने प्रखर दिमाग और स्मरण शक्ति के व्यापक अध्ययन में भाषा व्याकरण अनेक प्रकार की विद्याओं का अध्ययन किया था। रूप मुनि ने ज्ञान के क्षेत्र में अनेक उपलब्धियां हासिल की थी। उनके उपकार चतुर्विद संघ पर व्यापक रहे हैं। ऋषि मुनि ने भी विचार व्यक्त किए। महामंत्री गौतमचंद धारीवाल ने बताया कि कार्यक्रम में नेमीचंद चोपड़ा, जैन कॉन्फ्रेंस महिला शाखा की प्रदेश अध्यक्ष संतोष बोहरा, केसरीमल बुरड़, पारस कटारिया, पिंकी मूथा, चेन्नई से महिला जैन कॉन्फ्रेंस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष कमला बाई मेहता, इंद्रचंद धारीवाल ने विचार रखे। श्रीरामपुरम से साध्वी अमित सुधा आदि ठाणा, संयोजक रणजीत मल कानंूगा, बाबूलाल रांका, रतनीबाई मेहता, विमल चंद धारीवाल, जवरीलाल कंकरिया, सज्जन राज मेहता, इंद्रचंद धारीवाल, सुमेर चंद मुणोत, रमेश चंद बोहरा, आनंद कोठारी, शांतिलाल लोढा, शांतिलाल भंडारी, शांतिलाल पोखरना, अशोक धोखा, विजय राज बाफना, महावीर चंद धारीवाल, जसवंत गन्ना, पुखराज मेहता, सज्जन बाफना, गणपत बाफना सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों के श्रद्धालु मौजूद रहे।


मानव जीवन में आते हैं सुख-दुख
मैसूरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ सिद्धार्थनगर में श्रुत मुनि ने कहा कि रविवार रविग्रह के द्वारा जीवन निर्माण का संदेश देता है। प्रत्येक मानव के जीवन में चाहे वह राजा हो, साधु हो या साधारण व्यक्ति हो उसके जीवन में उतार चढ़ाव सुख दुख, ऊंच नीच आते जाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि रविवार का ग्रह सूर्य ग्रह है इस ग्रह की दिशा जो जीवन निर्माण की दिशा यह अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने के लिए इष्ट देवता की पूर्व दिशा है। महिला मंडल हनुमंतनगर बेंगलूरु की महिलाओं ने गीतिका प्रस्तुत की। महिला मंडल सिद्धार्थनगर ने नाटिका का मंचन किया। इस अवसर पर चातुर्मास स्तंभ का स्मृतिचिह्न, शॉल व माला से सम्मान किया गया।

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