चंद्रमा की कक्षा में चंद्रयान-2 ने पूरे किए 9 हजार चक्कर

मिले उत्कृष्ट आंकड़े, इसरो ने वैज्ञानिकों के लिए किया जारी
चंद्रयान-2 मिशन के दो साल पूरे होने पर दो दिवसीय कार्यशाला का भी उद्घाटन

By: Rajeev Mishra

Published: 07 Sep 2021, 11:24 AM IST

बेंगलूरु.
चांद की कक्षा में स्थापित किए गए चंद्रयान-2 के आर्बिटर ने पिछले दो वर्षों ेंमें चंद्रमा 9 हजार चक्कर लगाए हैं। इस दौरान आर्बिटर के 8 पे-लोड से बड़े पैमाने पर उत्कृष्ट वैज्ञानिक आंकड़े प्राप्त हुए हैं जिसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शिक्षा जगत एवं संस्थानों के विश्लेषण के लिए उपलब्ध कराए हैं। इस बीच इसरो ने चंद्रमा की कक्षा में चंद्रयान-2 के दो वर्ष पूरे होने पर दो दिवसीय 'चंद्र-विज्ञान कार्यशाला 2021Ó का आयोजन किया है।

इस अवसर पर इसरो अध्यक्ष के. शिवन कहा कि चंद्रयान-2 का आर्बिटर चंद्रमा की सतह से 100 किमी की दूरी वाली कक्षा में चक्कर लगा रहा है। अभी तक आर्बिटर ने 9 हजार से अधिक चक्कर लगाए हैं। इसके सभी 8 पेलोड सक्रिय हैं और चंद्रमा से जुड़ी सुदूर संवेदी आंकड़े हासिल कर रहे हैं। ये वैज्ञानिक आंकड़े शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों को विश्लेषण के लिए उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि चंद्रयान-2 मिशन में और अधिक वैज्ञानिक भागीदारी हो सके। इस दौरान शिवन ने चंद्रयान-2 के आंकड़े और डेटा उत्पादों के साथ दस्तावेज भी जारी किए। शिवन ने कहा कि उन्होंने चंद्रयान-2 से प्राप्त आंकड़ों की समीक्षा की है। ये बेहद उत्साहजनक हैं।

चंद्रयान-1 के अनुभवों का मिला लाभ
पूर्व इसरो अध्यक्ष एएस किरण कुमार ने कहा कि चंद्रयान-2 के इमेजिंग एवं वैज्ञानिक उपकरण उत्कृष्ट आंकड़े प्रदान कर रहे हैं। चंद्रयान-1 मिशन से मिले अनुभवों के आधार पर चंद्रयान-2 में कई नई विशेषताओं वाले उपकरण लगाए गए जो चंद्रमा के अध्ययन को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं।

कई वर्षों के अच्छे आंकड़े मिलने की उम्मीद
चंद्रयान-2 की परियोजना निदेशक वनिता एम. ने कहा कि ऑर्बिटर की सभी उप-प्रणालियां अच्छा काम कर रही हैं। उम्मीद है कि इस अंतरिक्ष यान से कई और वर्षों तक अच्छे आंकड़े प्राप्त कर सकते हैं। वनिता ने कहा कि ऑर्बिटर के इमेजिंग पेलोड टीएमसी-2 (टेरेन मैपिंग कैमरा -2), आइआइआरएस (इमेजिंग आइआर स्पेक्ट्रोमीटर) और ओएचआरसी (ऑर्बिटर हाइ रेजोल्यूशन कैमरा) ने चंद्रमा की लुभावनी तस्वीरें भेजी हैं।
इसरो की ओर से आयोजित इस दो दिवसीय कार्यशाला को वेबसाइट और फेसबुक पेज पर लाइव दिखाया जा रहा है ताकि छात्र, शिक्षा जगत और संस्थानों तक इसे पहुंचाया जा सके और चंद्रयान-2 के आंकड़ों का वैज्ञानिक समुदाय विश्लेषण कर सके। इसके अलावा चंद्रयान-2 मिशन, निगरानी, अभियान और डेटा संग्रहण के पहलुओं पर भी व्याख्यान होंगे।

Rajeev Mishra Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned