जाने कहां तक पहुंची चंद्रयान-2 की तैयारियां

जाने कहां तक पहुंची चंद्रयान-2 की तैयारियां

Rajeev Mishra | Updated: 29 Jun 2019, 06:46:31 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO के वैज्ञानिकों ने मिशन से जुड़े एक और पड़ाव को पार कर लिया

बेंगलूरु. chandryaan-2 मिशन की तैयारियों में जुटे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO के वैज्ञानिकों ने मिशन से जुड़े एक और पड़ाव को पार कर लिया। चंद्रयान-2 के तीन मॉड्यूल आर्बिटर, लैंडर और रोवर को जोडऩे की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
इसरो ने कहा है कि लैंडर Vikram और रोवर Pragyan के तमाम परीक्षण पूरे होने के बाद रोवर को लैंडर से जोडऩे का एक महत्वपूर्ण कार्य पूरा हो गया है। रोवर को लैंडर के साथ इंटीग्रेट किए जाने से ठीक पहले एक वैज्ञानिक उपकरण अल्फा पार्टिकल एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर APXS को जोड़ा गया जो चांद की धरती पर मौजूद तत्वों का पता लगाएगा। इस उपकरण को लैंडर से जोड़े जाने से ठीक पूर्व रोवर में रखा जाना था। यह उपकरण छोटा है मगर महत्वपूर्ण पे-लोड है। इसरो की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार अब जल्द ही इसे आर्बिटर से जोड़ दिया जाएगा और उसके बाद ठोस संरचना व्हीकल एसेंबलिंग बिल्डिंग VAB भेज दी जाएगी जहां इसे रॉकेट GSLV MkIII-M1 से जोड़ा जाएगा। इसरो के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक चंद्रयान-2 को 30 जून तक वीएबी भेज दिए जाने की उम्मीद है। अगर किसी कारणवश विलंब हुआ तो भी यह 1 जुलाई को वीएबी पहुंच जाएगा जहां रॉकेट टीम एस जीएसएलवी रॉकेट के साथ इंटीग्रेट करेगी। चंद्रयान-2 आगामी 15 जुलाई सुबह 2.51 बजे लांच किया जाएगा। इसके लिए श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र SDSC SHAR पर तैयारियां प्रगति पर हैं।

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