जयनगर में आचार्य देवेंद्रसागर का चातुर्मास प्रवेश

  • मंगल गीतों से हुआ स्वागत

By: Santosh kumar Pandey

Updated: 12 Jul 2021, 07:07 AM IST

बेंगलूरु. जिनशासन के जयकारों के बीच आचार्य देवेंद्रसागर सूरी का चातुर्मास प्रवेश जयनगर के राजस्थान जैन मूर्तिपूजक संघ में हुआ।

संघ के तत्वावधान में होनेवाले चातुर्मास में आचार्य के अलावा मुनि महापद्मसागर एवं साध्वी दृढ़शक्तिश्री, साध्वी इंदूरेखाश्री का भी प्रवेश हुआ। जयनगर मेट्रो स्टेशन से बैंड बाजे के साथ आचार्य का धर्मनाथ मंदिर के प्रांगण में आगमन हुआ। धर्मसभा की शुरुआत कलश स्थापना व दीप प्रज्वलन से की गई। संघ के अध्यक्ष चंद्रकुमार ने चातुर्मास को यादगार बनाने हेतु सभी श्रद्धालुओं को चातुर्मास के दौरान अनुष्ठानों से जुडऩे का आग्रह किया।

संघ के सचिव हीराचंद कोठारी ने कहा कि यह चातुर्मास युवाओंं को सद्मार्ग दिखाने वाला चातुर्मास बनेगा, ऐसा मुझे विश्वाश है।
महिला मंडल एवं धर्मनाथ जैन सेवा मंडल के युवाओं ने मंगल गीतों से स्वागत किया। संचालन रोहित गुरु ने किया। प्रवेश के अवसर पर आचार्य महेंद्र सागर सूरी भी उपस्थित हुए।

आगमन शब्द में ही गमन शब्द जुड़ा

प्रवचन में आचार्य देवेंद्रसागर ने कहा कि एक मंगल प्रसंग है आज का दिन, जिसमें मंगल दिवस, मंगल वेला में मंगल प्रवेश हुआ। प्रवेश एक ऐसा शब्द जिससे उत्साह, उमंग आ जाता है।

आगमन शब्द में ही गमन शब्द जुड़ा हुआ है, जहां आना है वहां जाना भी है। इस पर विराम तभी संभव है जब मोक्ष में प्रवेश हो। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि इस दौरान सभी श्रावक-श्राविकाओं ने मास्क लगा रखा था और सामाजिक दूरी का पालन किया गया।

Santosh kumar Pandey Desk
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