एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट, राष्ट्रीय आपदा घोषित करे केंद्र

एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट, राष्ट्रीय आपदा घोषित करे केंद्र

By: Sanjay Kulkarni

Published: 17 Oct 2020, 09:13 PM IST

बेंंगलूरु. मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा ने उत्तर कर्नाटक क्षेत्र के बारिश प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों से एक सप्ताह में बारिश से हुए नुकसान पर रिपोर्ट देने के लिए कहा। इसी रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार से राहत और पुनर्वास कार्य के लिए मदद की मांग की जाएगी।

जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान येडियूरप्पा ने तत्काल राहत कार्य शुरु करने और राहत शिविर खोलने के निर्देश दिए। साथ ही लगातार बारिश के कारण जिन लोगों के मकान गिर गए हैं, उनके लिए अस्थायी मकान बनाने के भी निर्देश दिए। येडियूरप्पा ने राहत शिविरों में भोजन-पानी की व्यवस्था के साथ ही चिकित्सकों को भी तैनात करने के लिए कहा।बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में येडियूरप्पा ने कहा कि केंद्र को राज्य की स्थिति के बारे मेंं पार्टी है।

उन्होनें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात की और राज्य की स्थिति के बारे में बताया। उत्तर कर्नाटक के इलाकों को एक साल में तीसरी बार इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा है। केंद्र ने राज्य को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। येडियूूरप्पा ने कहा कि राज्य में प्राकृतिक आपदा की स्थिति को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के लिए केंद्र को पत्र लिखा जाएगा। उधर, राजस्व मंत्री आर अशोक ने शुक्रवार को कलबुर्गी और रायचूर जिले का दौरा किया। अशोक ने कहा कि राज्य में प्राकृतिक आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के लिए केंद्र सरकार को राज्य सरकार पत्र लिखेगी।

हालात में ज्यादा सुधार नहींलागातार बारिश और बांधों से पानी छोडऩे जाने के कारण प्रभावित इलाकों में शुक्रवार को भी स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ। उत्तरी जिलों में इस साल तीसरी बार बाढ़ जैसी स्थिति बनी है। कलबुर्गी, विजयपुर, बेलगावी, रायचूर, यादगिर, कोप्पल, गदग,धारवाड़, बागलकोट, हावेरी ज्यादा प्रभावित हैं। कलबुर्गी और यादगिर जिले में भीमा नदी में उफान के कारण कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। खेतों में खड़ी फसलों जलमग्न हो गई हैं।

राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल की १२ टीमें तैनात की गई हैं। इनमें छह टीमें चेन्नई और पुणे से आई है। तीन टीमों को कलबर्गुी, दो को यादगिर और एक को रायचूर में तैनात किया गया है। इसके अलावा राज्य आपदा कार्रवाई बल की टीमें भी प्रभावित इलाकों में तैनात की गई है।राहत कार्य के लिए 85.49 करोड़ जारी मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 जिलों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 85 करोड़ 49 लाख रुपए जारी किए गए हैं।

जिलाधिकारी इस कार्य के लिए उनके खाते में जमा राशि उपयोग कर सकते हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के 51 हजार 810 किसानों की फसल नुकसान के लिए 36 करोड़ 57 लाख रुपए की सहायता राशि उनके खातों में जमा की गई है। महाराष्ट्र के कोयना, राजापुर तथा उजनि बांध से बड़े पैमाने पर पानी छोडऩे से नारायणपुर तथा अलमत्ती बांधो का जलस्तर बढ़ेगा।

Sanjay Kulkarni Reporting
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