मुख्यमंत्री ने दी कांग्रेस विधायक को चेतावनी

Shankar Sharma

Publish: Oct, 12 2017 08:34:34 PM (IST)

Bangalore, Karnataka, India
मुख्यमंत्री ने दी कांग्रेस विधायक को चेतावनी

मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने कांग्रेस के विधायक शिवमूर्ति नायक द्वारा एक आईएएस अधिकारी को कथित रूप से गालियां देने व धमकाने पर आपत्ति करते हुए कड़ी चेत

बेंगलूरु. मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने कांग्रेस के विधायक शिवमूर्ति नायक द्वारा एक आईएएस अधिकारी को कथित रूप से गालियां देने व धमकाने पर आपत्ति करते हुए कड़ी चेतावनी दी है। मंंत्रिमंडल की बैठक से पहले बुधवार को यहां मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी को कोई समस्या हो तो उसे सौहार्दपूर्ण तरीके से हल करने का प्रयास करना चाहिए। यदि समस्या तब भी नहीं सुलझती है तो संबंधित विभाग ेके मंत्री को इसकी जानकारी देनी चाहिए।


विधायक शिवमूर्ति नायक द्वारा वाणिज्य व उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव राजेन्द्र कुमार कटारिया से दुव्र्यवहार के बारे में उन्होंने कहा कि विधायकों को संयम से बर्ताव करना चाहिए। इस संबंध में राजेन्द्र कटारिया का पत्र मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने नायक को गंभीर चेतावनी दी है। इस बारे में विवरण मिलना शेष है और रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

बताया जाता है कि नायक अपने पुत्र के खनन लाइसेंस का आवेदन मंजूर करने के लिए कटारिया से कई बार मिले और अपशब्द कहेे। नायक ने धमकी देने के आरोप को खारिज कर दिया है। इस बीच, कटारिया ने आईएएस अधिकारी संघ के अध्यक्ष पी. रविकुमार, मुख्य सचिव सुभाष चंद्र कुंटिया, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एल.के. अतीक से शिकायत की है और मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या को भी जानकारी दी है।

कटारिया का आरोप है कि मंगलवार की घटना के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर कह दिया किइन परिस्थितियों में उनके लिए कर्तव्य का पालन करना कठिन हो गया है। उनके पास पुलिस से शिकायत करने का विकल्प था लेकिन उन्होंने इसे टाल दिया। कटारिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का उल्लंघन कर किसी व्यक्ति विशेष को खनन लाययेंस नहीं दिया जा सकता।


मुख्य सचिव को लिखे पत्र में कटारिया ने कहा कि विधायक के पुत्र सूरज ने चित्रदुर्गा जिले के चलकेरे तालुक के सिद्धेश्वरनदुर्गा ग्राम के सर्वे नंबर 78 में छह एकड़ भूमि में सजावटी पत्थर की क्वारी मंजूर करने के लिए आवेदन किया। लेकिन नायक द्वारा किया गया आवेदन नियमानुसार अयोग्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक ने इस आवेदन को खान व भू-विज्ञान निदेशक से तत्काल स्वीकृति दिलाने के लिए बाध्य करने की कोशिश की। नायक ने ख्ुद को सरकार बताते हुए कटारिया को परिणाम भ्ुागतने की धमकी दी। विधायक ने लोगों के सामने उन्हें गालियां दी और उनके विभाग में लूटपाट की।


नायक ने कटारिया के आरोपों पर कहा कि वे अजा-जजा कल्याण विधानमंडलीय समिति के प्रमुख हैं और वे इस अधिकारी से पिछड़े समुदाय के कल्याण के लिए मिलना चाहते थे। वे अधिकारी से मिलने गए और कहा कि खनन के व्यवसाय में अजा-जजा समुदाय को 25 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए।

नायक ने कहा कि उनके पुत्र सूरज के 6 एकड़ भूमि में खनन का आवेदन दूसरा मसला है। लेकिन यह सभी दलों के अजा-जजा वर्ग के 35 विधायकों व 10 विधान परिषद सदस्यों अजा-जजा समुदाय के लाखों लोगों का मसला है, जिन्हें खनन के व्यवसाय में उनके हिस्से से वंचित किया जा रहा है।

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