तीन लाख एलइडी से रोशन होंगी शहर की सड़कें, दिसंबर तक परियोजना पूरी करने के निर्देश

योजना के तहत बेंगलूरु महानगर पालिका सीमा में 4.85 लाख स्ट्रीट लाइट को पांच चरण में एलइडी से बदला जाना है। काम 30 महीने में पूरा करना था। पहले चरण में एक लाख एलइडी बल्ब लगाए जाने वाले थे जिसे बोम्मई ने बढ़ाकर तीन लाख कर दिया है। इस परियोजना से 85 फीसदी तक ऊर्जा की बचत होगी।

By: MAGAN DARMOLA

Published: 15 Sep 2021, 06:55 PM IST

बेंगलूरु. बेंगलूरु की सड़कों पर जहां-तहां पसरे स्याह अंधेरे को मिटाने के लिए अगले तीन महीने में तीन लाख एलइडी बल्ब लगाए जाएंगे। यह बात मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने विधानसभा में कही। उन्होंने कहा कि दिसंबर महीने तक तीन लाख स्ट्रीट लाइट लगा दी जाएंगी। वर्ष 2019 में ही इस परियोजना को शुरु किया गया था जिसके तहत सभी स्ट्रीट लाइट को बदलकर एलइडी बल्ब लगाए जाने थे। सरकार ने इसकी जिम्मेदारी निजी-सार्वजनिक भागीदारी के तहत बीएसपीएल को सौंपी थी।

दरअसल, इस परियोजना में हो रहे विलंब का मुद्दा जद-एस विधायक आर. मंजुनाथ ने उठाया और कहा कि इससे उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोग खतरा मोल लेकर रात में निकलते हैं। कांग्रेस और भाजपा के विधायकों ने भी इस पर अपनी सहमति व्यक्त की। बेंगलूरु शहरी विकास विभाग का प्रभार संभाल रहे मुख्यमंत्री ने कहा 'हमने तय किया है कि 31 दिसंबर तक तीन लाख एलइडी लगाए जाएंगे। मैंने अधिकारियों को काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

योजना के तहत बेंगलूरु महानगर पालिका सीमा में 4.85 लाख स्ट्रीट लाइट को पांच चरण में एलइडी से बदला जाना है। काम 30 महीने में पूरा करना था। पहले चरण में एक लाख एलइडी बल्ब लगाए जाने वाले थे जिसे बोम्मई ने बढ़ाकर तीन लाख कर दिया है। इस परियोजना से 85 फीसदी तक ऊर्जा की बचत होगी। बीटीएम लेआउट के कांग्रेस विधायक रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि पिछले तीन वर्ष से एलइडी परियोजना के लिए वैश्विक निविदा का हवाला देते हुए निर्वाचन क्षेत्रों को स्ट्रीट लाइट के लिए कोई अनुदान नहीं दिया गया है। बेंगलूरु के किसी भी विधायक से पूछा जा सकता है। न पैसे दिए गए, न ही नई स्ट्रीट लाइट्स। इस पर बसवनगुड़ी विधायक एलए रवि सुब्रमण्य और महादेवपुर के विधायक अरविंद लिंबावली ने अपना समर्थन व्यक्त किया।

लिंबावली ने कहा कि मुख्य शहर से बाहर 14 निर्वाचन क्षेत्र आते हैं जहां नई सड़कों का विकास किया जा रहा है। वहां कोई स्ट्रीट लाइट नहीं है। बोम्मई ने कहा कि परियोजना के दो साल मंजूरी की प्रक्रियाओं और अनुबंधों में चले गए। परियोजना 2018 में शुरू हुई और फरवरी 2019 में मंजूरी दी गई। समझौते पर जून 2020 में हस्ताक्षर किए गए। यह देरी अनुचित है और इससे शहर में काले-स्पॉट बन गए हैं। इसलिए अधिकारियों से पांचों चरण एक ही बार में पूरा करने को कहा गया है।

बीबीएमपी को मौजूदा स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत और रखरखाव करने के लिए भी निर्देश जारी किए जाएंगे। समझौते के मुताबिक बीबीएमपी ठेकेदार पर प्रति सप्ताह एक लाख रुपए का जुर्माना लगा सकती है।

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