सीएमएस-01 उपग्रह ऑपरेशनल कक्षा में स्थापित

जनवरी 2021 के पहले सप्ताह में सौंपा जाएगा यूजर को
सात साल तक मिलेगी देश को सेवाएं

By: Rajeev Mishra

Published: 24 Dec 2020, 09:45 PM IST

बेंगलूरु.
उन्नत संचार उपग्रह सीएमएस-01 को चार कक्षीय मैनुवर के बाद भू-स्थैतिक कक्षा में स्थापित कर दिया गया है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सोमवार को कहा कि उपग्रह के सभी आर्बिट मैनुवर सफलता पूर्वक पूरे कर लिए गए। उपग्रह का रिफ्लेक्टर को तैनात हो गया है। प्रक्षेपण और उससे संबंधित शुरुआती चरण के सभी ऑपरेशंस पूरे कर लिए गए हैं। संचार सेवाओं के लिए यह उपग्रह जनवरी 2021 के पहले सप्ताह में यूजर को सौंप दिया जाएगा। फिलहाल कक्षा में उपग्रह के पे-लोड का परीक्षण चल रहा है।

सूत्रों के मुताबिक चौथे मैनुवर के बाद सीएमएस-01 उपग्रह को 35 हजार 660 किमी गुणा 35 हजार 760 किमी वाली दीर्घ वृत्ताकार भू-स्थैतिक कक्षा में स्थापित किया गया है। इस कक्षा में उपग्रह धरती की घुर्णन गति के साथ एक परिक्रमा 23 घंटे 55 मिनट में पूरा कर रहा है। इससे पहले इसरो ने पिछले 17 दिसम्बर को पीएसएलवी सी-50 से इस उपग्रह का सफल प्रक्षेपण कर उसे पृथ्वी की अंडाकार उप-भू-स्थैतिक अंतरण कक्षा में स्थापित किया था। यह उपग्रह देश का 42 वां संचार उपग्रह है जो विस्तारित 'सी बैंडÓ फ्रीक्वेंसी स्पैक्ट्रम पर अपनी सेवाएं देगा। विस्तारित 'सी बैंडÓ कवरेज में अंडमान, निकोबार एवं लक्षद्वीप समूह भी आएंगे। यह उपग्रह टेली-एजूकेशन, टेली-मेडिसिन, आपदा प्रबंधन सपोर्ट और इंटरनेट सेवाओं के लिए समर्पित होगा।

Rajeev Mishra Reporting
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