scriptColleges behind in applying for NAAC recognition | अनिवार्यता के बावजूद नैक की मान्यता के लिए आवेदन करने में पीछे कॉलेज | Patrika News

अनिवार्यता के बावजूद नैक की मान्यता के लिए आवेदन करने में पीछे कॉलेज

- कर्नाटक : 3595 कॉलेजों में से केवल 23 फीसदी ने ही किया आवेदन

बैंगलोर

Published: December 02, 2021 10:47:05 pm

बेंगलूरु. राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (नैक) की मान्यता के लिए आवेदन करने में कर्नाटक के कॉलेज पीछे हैं। बावजूद इसके कि वर्ष 2008 से सभी कॉलेजों को मान्यता प्राप्त करना अनिवार्य है।

नैक द्वारा प्रकाशित 2021 की रिपोर्ट के अनुसार कर्नाटक में यूजी कार्यक्रमों की पेशकश करने वाले 3,595 कॉलेजों में से केवल 23 फीसदी ने मान्यता के लिए आवेदन किया है। प्रदेश में कुल 837 कॉलेजों को मान्यता प्राप्त है।

naac grade
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रिपोर्ट के अनुसार कई कॉलेजों ने प्रक्रिया शुरू नहीं की है। अन्य मामलों में, जिन कॉलेजों की मान्यता समाप्त हो गई है, वे भी प्रक्रिया के लिए आगे नहीं आए हैं। इनमें सरकारी से लेकर अनुदानित, स्व-वित्तपोषित और गैर-अनुदान यूजी कॉलेज शामिल हैं।

नैक के निदेशक एस. सी. शर्मा ने कहा कि इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कॉलेजों को आगे आने के लिए अधिक संवेदीकरण की आवश्यकता है। कॉलेज शायद आवेदन करने के इच्छुक नहीं हैं क्योंकि वे सभी मापदंडों को पूरा नहीं कर सकते हैं। लेकिन उन्होंने सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि वे प्रक्रिया पूरी करने व कॉलेजों को तैयार करने के लिए हर संभव मदद करेंगे।

कुछ कॉलेज संचालकों का कहना है कि कोरोना महामारी के कारण उन्होंने मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया है। कुछ ने माना कि मानव संसाधन की कमी के कारण उन्होंने इस बार मान्यता के लिए आवेदन नहीं करने का निर्णय लिया। कॉलेज खराब रैंक नहीं चाहते हैं।

बेंगलूरु के एक निजी कॉलेज के प्रिंसिपल ने कहा कि समय के साथ स्थिति बदली है। विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। अगले छह महीनों के भीतर मान्यता के लिए आवेदन करने की उम्मीद है।

2017 में शुरू किए गए संशोधित मान्यता ढांचे के अनुसार पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए मापदंडों के एक बड़े हिस्से को डिजिटल रूप से सत्यापित किया जाता है।

पाठ्यचर्या, शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार आदि बिंदुओं पर कॉलेज का मूल्यांकन होता है। सांख्यिकीय विश्लेषण, सहकर्मी टीम की समीक्षा के साथ संस्थागत ग्रेड शीट तैयार की जाती है, जो छात्र संतुष्टि सर्वेक्षण पर आधारित होती है। इस पर अंतिम ग्रेड निर्भर होता है।

मूल्यांकन के आधार पर कॉलेजों को आठ ग्रेड में से एक आवंटित किया जाता है। यदि वे डी के अलावा कोई ग्रेड प्राप्त करते हैं, तो उन्हें मान्यता प्रदान की जाती है।

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