जीवन में बाधाओं का मुकाबला करें: देवेंद्रसागर

राजाजीनगर में प्रवचन

By: Santosh kumar Pandey

Published: 16 Oct 2020, 03:13 PM IST

बेंगलूरु. शंखेश्वर पाश्र्वनाथ जैन संघ, राजाजीनगर में आचार्य देवेंद्रसागर सूरी ने कहा कि हमारा शरीर एक बगीचे की तरह है और दृढ़ इच्छाशक्ति इसके लिए माली का काम करती है, जो इस बगिया को बहुत सुंदर और महकती हुई बना सकती है। जो भी हो,आप दूसरे को समझने का प्रयत्न करें या खुद को समझने का, या फिर खुद को भी और दूसरे को भी समझने का प्रयत्न करें, लाभ आपको ही होगा। आप क्रिया-प्रतिक्रिया के दुश्चक्र में फंसने से बचे रहेंगे।

उन्होंने कहा कि अच्छे काम के लिए धन की कम आवश्यकता पड़ती है, अच्छे हृदय और संकल्प की अधिक। इसलिए जीवन में बाधाओं से घबराएं नहीं, बल्कि उनका डटकर मुकाबला करें। आप अकेले नहीं हैं, जो हर बार खुद से अपनी बेहतरी के लिए वादे करते हैं। और ना ही अकेले आपके साथ ऐसा होता है कि संकल्प बीच में ही टूट जाते हैं।

अपनी वास्तविकता और बुद्धि कौशल का प्रयोग करें। इनका आपके भौतिक अस्तित्व से ज्यादा महत्व है। जीवन में जब कभी उतार-चढ़ाव वाले क्षण आएं, अपने मन और आत्मा को और विस्तार देने के लिए इन्हीं अनुभवों की मदद लीजिए। स्थिर चित्त रहेंगे तो कठिन हालात से भी निकल आएंगे।
हमेशा खुशी को तरजीह दें, अपने लिए भी दूसरों के लिए भी।

खुशी एक ऐसा विकल्प है, जो हमें हमारे भीतर से ही मिल सकता है। आने वाले समय के लिए अपने उत्साह में कमी न आने दें और खुली बांहों से बदलाव को आत्मसात करें। हर कदम में छिपे रहस्यों और उत्साह को पूरी प्रसन्नता के साथ स्वीकार करें।

Santosh kumar Pandey Desk
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