एफआइआर दर्ज कराने के लिए नहीं लगाने होंगे थानों के चक्कर

एफआइआर दर्ज कराने के लिए नहीं लगाने होंगे थानों के चक्कर
KARNATAKA HIGH COURT

Priya Darshan | Publish: Sep, 20 2019 12:46:40 AM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

किसी भी थाने में दर्ज कराई जा सकती है शिकायत : हाई कोर्ट

बेंगलूरु. अक्टूर महीने से शिकायत दर्ज कराने के लिए नागरिकों को थानों का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। कर्नाटक हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक अहम निर्णय सुनाते हुए कहा कि नागरिक अपनी शिकायतें किसी भी थाने में दर्ज करा सकते हैं। न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि इस संबंध में एक महीने के भीतर अधिसूचना जारी जाए।

मुख्य न्यायाधीश अभय एस ओक और न्यायाधीश मोहम्मद नवाज की खंडपीठ ने अधिवक्ता एस उमापति की ओर से दायर एक जनहित याचिका (पीआइएल) पर सुनवाई करते हुए सरकार को निर्देश जारी किया। खंडपीठ ने कहा कि कोई भी पुलिस थाना शिकायतकर्ता को यह नहीं कह सकता है कि वह जिस थाना क्षेत्र में अपराध हुआ है वहां शिकायत दर्ज कराए। कोर्ट ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा निर्देशों के अनुसार एचआइआर दर्ज कराने के लिए शिकायतकर्ता को थानों के चक्कर काटने की नौबत नहीं आनी चाहिए। नागरिकों अपनी शिकायत किसी भी थाने में दर्ज करा सकते हैं और भारतीय दंड संहिता की धारा 166 ए के तहत पुलिस विभाग अपने आंतरिक स्थानांतरण के तहत मामले को संबंधित क्षेत्र के थाने में भेजेगी।

खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार अधिसूचना जारी करते हुए यह भी निर्दिष्ट करे कि अगर कोई पुलिसकर्मी शिकायत दर्ज करने से मना करता है तो उसके खिलाफ तय मानकों के तहत कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एफआइआर दर्ज करने से मना करना एक दंडात्मक अपराध है। हालांकि कोर्ट ने याचिकाकर्ता की उस मांग को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था शहर में विशेष एफआइआर केंद्र खोलने का कोर्ट निर्देश दे। कोर्ट ने कहा कि यह पुलिस विभाग को अपने स्तर पर तय करना है। इसमें कोर्ट की ओर से सरकार को कोई निर्देश जारी नहीं होगा।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned