गठबंधन में बढऩे लगा है अंतर्विरोध....

कांग्रेस-जद-एस गठबंधन सरकार छह माह बाद अंतर्विरोधों में घिरने लगी है। हालांकि, दोनों घटक दलों ने मिलकर आगामी लोकसभा चुनाव लडऩे की बात कही है लेकिन आपसी खींचतान अब बढऩे लगी है।

By: Ram Naresh Gautam

Published: 30 Dec 2018, 05:22 PM IST

बेंगलूरु. कांग्रेस-जद-एस गठबंधन सरकार छह माह बाद अंतर्विरोधों में घिरने लगी है। हालांकि, दोनों घटक दलों ने मिलकर आगामी लोकसभा चुनाव लडऩे की बात कही है लेकिन आपसी खींचतान अब बढऩे लगी है। कैबिनेट में कांग्रेस कोटे से नए मंत्रियों की नियुक्ति और उनके विभागों के बंटवारे को लेकर दोनों दलों में मतभेद उभरे हैं।
दरअसल, ने कांग्रेस ने नव नियुक्त मंत्री आरबी तिम्मापुर को बंदरगाह मंत्रालय आवंटित करने की सिफारिश की थी जिसे मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने स्वीकार नहीं किया है। राज्यपाल को मंजूरी के लिए भेजी गई सूची में तिम्मापुर को सिर्फ चीनी विभाग देने की सिफारिश मुख्यमंत्री ने की है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने प्रदेश के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक कर नए मंत्रियों के विभाग तय किए। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की मंजूरी के बाद वेणुगोपाल ने वह सूची मुख्यमंत्री को भेजी थी जिसे राज्यपाल के पास अनुमोदन के लिए अग्रसारित किया जाना था। मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने तुरंत राज्यपाल वजूभाई वाळा को पत्र लिखकर मंत्रियों के विभाग आवंटित करने का आग्रह किया लेकिन, उन्होंने विधान परिषद सदस्य और नव नियुक्त मंत्री आरबी तिम्मापुर को बंदरगाह मंत्रालय देने की सिफारिश नहीं की। कांग्रेस पार्टी ने तिम्मापुर को चीनी विभाग के अलावा बंदरगाह एवं अंतर्देशीय परिवहन विभाग भी आवंटित किया है जो लोक निर्माण मंत्रालय के अधीन आता है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को राज्यपाल वजूभाई वाळा को जो पत्र भेजा है उसमें उन्होंने तिम्मापुर को सिर्फ चीनी मंत्रालय ही आवंटित करने की सिफारिश की है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की इच्छा का सम्मान नहीं किया है।
जद-एस के एक वरिष्ठ मंत्री ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री का बचाव करते हुए कहा कि सरकार गठन के समय मंत्रिमंडल को लेकर जो सहमति बनी थी उसमें लोक निर्माण विभाग जद-एस को दिया गया था। यह विभाग जद-एस के वरिष्ठ नेता एचडी रेवण्णा के पास है। इसलिए मुख्यमंत्री ने वह मंत्रालय अपने पास रखने का फैसला किया है। हालांकि, मुख्यमंत्री के इस रुख पर कांग्रेस नेता नाराज बताए जाते हैं। सूत्रों के मुताबिक अब इस मुद्दे को कांग्रेस-जद-एस समन्वय समिति की बैठक में उठाया जाएगा जिसके अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या हैं। जब यह मामला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडूराव के संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सिंगापुर से लौटने के बाद वे इस विषय पर उनसे चर्चा करेंगे। गौरतलब है कि मुख्यंत्री एचडी कुमारस्वामी शुक्रवार रात अपने परिवार के साथ सिंगापुर के लिए रवाना हो गए। अब वे आगामी 1 जनवरी की रात को वहां से लौंटेगे।

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