कांग्रेस व जद (ध) के विधायकों ने दिया धरना

Shankar Sharma

Publish: May, 18 2018 05:19:48 AM (IST)

Bangalore, Karnataka, India
कांग्रेस व जद (ध) के विधायकों ने दिया धरना

राज्यपाल द्वारा येड्डियूरप्पा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने व मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने के विरोध में कांग्रेस व जनता दल (ध) ने धरना

बेंगलूरु. राज्यपाल द्वारा बीएस येड्डियूरप्पा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने व मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने के विरोध में कांग्रेस व जनता दल (ध) के नव निर्वाचित विधायकों ने गुरुवार को यहां विधानसौधा परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने धरना देकर विरोध जताया।

कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत , गुलाम नबी आजाद, प्रदेश अध्यक्ष जी.परमेश्वर, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या और जद ध के प्रदेश अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी की अगुवाई में विधायक धरने पर बैठे।


इससे पहले भाजपा के ऑपरेशन कमल से भयभीत कांग्रेस विधायकों ने बिड़दी के पास स्थित इगल्टन रिजोर्ट में रात गुजारी। जद (ध) के सदस्यों ने शहर के ही एक पांच सितारा होटल में रात गुजारी। दोनों ही दलों के विधायक बसों में सवार होकर विधानसौधा पहुंचे और उन्होंने गांधी प्रतिमा के सामने धरना दिया।

धरना स्थल पर परमेश्वर ने कहा कि यह एक सांकेतिक धरना है और कांग्रेस द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका पर निर्णय लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल नजीरों का पालन करने में विफल रहे हैं। उन्होंने संख्या बल नहीं होने पर भी येड्डियूरप्पा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों की अनदेखी की और संवैधानिक मूल्यों को सर्वोपरी रखने में विफल रहे हैं।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि येड्डियूरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन की मोहलत देना अनुचित है। इससे विधायकों की खरीद-फरोख्त का मार्ग प्रशस्त होगा और नव निर्वाचित विधायकों पर दबाव पड़ेगा। राज्यपाल ने कांग्रेस- जद (ध) गठबंधन सरकार के लिए 117 विधायकों की सूची पेश को खारिज कर दिया और भाजपा के पास केवल 104 विधायक होने पर भी उसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर दिया।

कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी की सरकार लोकतंत्र को खत्म कर देना चाहती है। मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार संविधान का दुरुपयोग कर रही है जो अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा विधायकों की खरीद-फरोख्त में लिप्त है। हम इसे सफल नहीं होने देंगे और विधायकों के हितों की रक्षा करेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने कहा कि राज्यपाल का यह कदम लोकतंत्र की हत्या के अलावा कुछ नहीं है। कांग्रेस तब तक विरोध करती रहेगी जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता। दोनों ही दलों के विधायकों व नेताओं ने बांह पर काली पट्टियां बांध रखी थी।

माकपा ने किया प्रदर्शन
कलबुर्गी. राज्यपाल वजूभाई वाळा के सरकार बनाने के लिए भाजपा को आमंत्रित करने संबंधी फैसले के खिलाफ यहां गुरुवार को माकपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। माकपा ने जगत चौराहे से जिलाधिकारी कार्यालय तक जुलूस निकालने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने अनुमति नहीं दी। इसके बावजूद जिलाधिकारी कार्यालय की ओर जाने का प्रयास कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।

विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे माकपा के नेता मारुति मानपाडे ने राज्यपाल के बीएस येड्डियूरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन की मोहलत देने के फैसले को अप्रत्याशित करार देते हुए कहा कि इस फैसले से राज्यपाल ने ही भाजपा को परोक्ष रूप से कांग्रेस तथा जनता दल (ध) विधायकों की खरीदी को प्रोत्साहन दिया है। राज्यपाल का यह फैसला गणतंत्र की हत्या है।

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