गठबंधन के लिए फायदेमंद रहा अलग-अलग लडऩे का फैसला

गठबंधन के लिए फायदेमंद रहा अलग-अलग लडऩे का फैसला

Kumar Jeevendra Jha | Publish: Sep, 04 2018 05:33:38 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

शहरी निकाय चुनाव: कांग्रेस, जद-एस व बसपा को मिली १३७० सीटें

बेंगलूरु. शहरी निकाय चुनाव में सत्तारुढ़ गठबंधन के घटकों का अलग-अलग चुनाव लडऩे का फैसला राजनीतिक तौर पर फायदेमंद साबित हुआ। कांग्रेस, जद-एस और बसपा ने चुनाव पूर्व गठबंधन करने के बजाय अलग-अलग चुनाव लडऩे का फैसला किया था और इन तीनों दलों ने चुनाव में ५० फीसदी से ज्यादा सीटें जीती हैं। विधानसभा चुनाव के सिर्फ तीन महीने बाद हुए इन चुनावों में भी शहरी मतदाताओं का रुझान मिश्रित ही रहा। इस चुनाव को गठबंधन सरकार के लिए पहली चुनावी परीक्षा माना जा रहा था और गठबंधन को इसमेंं सफलता मिली है। गठबंधन के घटकों को १३७० सीटें मिली हैं जबकि विधानसभा चुनाव में १०४ सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी भाजपा को ९२९ सीटें ही मिलीं। चुनाव से पहले कांग्रेस और जद-एस के 'दोस्ताना मुकाबलेÓ के फैसले को लेकर सवाल उठ रहे थे लेकिन सोमवार को आए परिणाम से गठबंधन के नेताओं प्रफुल्लित दिखे।
कांग्रेस का प्रदर्शन अपने मजबूत सियासी गढ़ हैदराबाद-कर्नाटक और मुंबई-कर्नाटक में काफी बेहतर रहा। कांग्रेस को हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र के २४ में से १३ और मुंबई-कर्नाटक क्षेत्र के ३८ में से १८ निकायों में बहुमत मिला है। इस क्षेत्र में कांग्रेस का दबदबा कायम रहा। इस क्षेत्र के ५९५ में से २९९ में कांग्रेस जीती जबकि भाजपा को १८४ वार्डों में सफलता मिली। मुंबई-कर्नाटक में कांग्रेस कांटे की टक्कर में भाजपा को मात देने में सफल रही। इस क्षेत्र में भाजपा को सिर्फ १३ निकायों में बहुमत मिला। दक्षिणी जिलों के कांग्रेस और जद-एस के मजबूत जनाधार वाले क्षेत्रों में खराब प्रदर्शन के बावजूद भाजपा का प्रदर्शन तटवर्ती इलाके में प्रभावी रहा है। तटवर्ती जिलों के १५ शहरी निकायों में ७ में भाजपा जीती है। मध्य कर्नाटक के ७ में से ५ शहरी निकाय भाजपा को बहुमत मिला है। विधानसभा चुनाव में मिले बढ़त को कायम रखते हुए भाजपा इस क्षेत्र के १४८ में से ६६ वार्डों में जीती जबकि कांग्रेस ४४ और जद-२१ वार्डों में जीती।
दक्षिण कर्नाटक यानी के पुराने मैसूरु क्षेत्र में जद-एस का ही दबदबा रहा। इस क्षेत्र के २१ में १२ शहरी निकायों में जद-एस को बहुमत मिला है। खासकर, पार्टी के मजबूत गढ़ हासन और मण्ड्या जिले में जद-एस का दबदबा कायम रहा। इन दोनों जिले की १० में से ८ निकायों में पार्टी ने जीत का परचम लहराया। जद-एस ने हासन के १३५ में ९१, मण्ड्या में ११७ में से ६४, तुमकूरु के ११५ में से ५१ वार्डों में जीत दर्ज की।

105 शहरी निकाय
कुल सीटें : 2662
कांग्रेस : 982
भाजपा : 929
जद-एस: 375
निर्दलीय : 329
बसपा : 13
अन्य : 34

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