फोन टैपिंग पर कांग्रेस नेता ने कह दी हैरान करने वाली बात

फोन टैपिंग पर कांग्रेस नेता ने कह दी हैरान करने वाली बात

Santosh Kumar Pandey | Updated: 16 Aug 2019, 06:25:46 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

  • अपनी ही पार्टी के नेताओं के विपरीत रुख
  • कहा-नहीं हुई फोन टैपिंग जैसी कोई घटना

बेंगलूरु. बहुचर्चित फोट टैपिंग मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस शुक्रवार को विभाजित नजर आई। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व जल संसाधन मंत्री डीके शिवकुमार पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के समर्थन में खड़े हुए और पिछली सरकार द्वारा जासूसी कराने के आरोपों के खिलाफ आवाज उठाई।

डीके शिवकुमार का रुख उन कांग्रेस नेताओं के विपरीत है जिन्होंने कांग्रेस-जद-एस गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी द्वारा दोनों पार्टी के विधायकों की जासूसी कराने का आरोप लगाया है। कुमारस्वामी ने इन आरोपों का खंडन किया है वहीं शिवकुमार इकलौते ऐसे नेता हैं जो उनके साथ खड़े हुए हैं। शिवकुमार कहा ‘कोई फोन टैपिंग नहीं हुई है। मुझे नहीं पता कि मीडिया में क्या लीक हुआ और कैसे लीक हुआ। लेकिन, जब मैंने अपने आसपास इसकी पूछताछ की तो मुझे बताया गया कि ऐसा कुछ भी नहीं है।’

शिवकुमार ने मुख्यमंत्री येडियूरप्पा को चुनौती भी दी कि अगर साहस है तो फोट टैपिंग मामले की जांच कराएं। कांग्रेस-जद-एस गठबंधन सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया है।

दरअसल, भास्कर राव के बेंगलूरु पुलिस आयुक्त का पदभार संभालने के बाद यह विवाद सामने आया है जिसमें कथित तौर पर पिछली सरकार द्वारा विभिन्न नेताओं, वरिष्ठ अधिकारियों, असंतुष्ट विधायकों और पत्रकारों के बीच हुई बातचीत की टेप की गई है। जहां भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता आर अशोक, अरविंद लिंबावली और शोभा करंदलांजे ने इस मामले की जांच कराने की मांग की वहीं कांग्रेस नेताओं ने भी भाजपा की मांग का समर्थन किया। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धरामय्या भी मामले की जांच के पक्ष में खड़े हुए। सिद्धरामय्या के फोन भी टेप किए जाने की बात कही गई है। वहीं, पूर्व गृह मंत्री एमबी पाटिल भी फोन टैपिंग के शिकार बताए जाते हैं और उन्होंने भी इसकी जांच कराने की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही। एमबी पाटिल ने कहा है कि वे इस संदर्भ में मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा को पत्र भी लिखेंगे। पाटिल ने कहा कि फोन तब टेप किया जाता है जब मामला अपराध से जुड़ा हो अथवा आयकर विभाग या सीबीआइ जांच से जुड़ा हो। उनके निजी सचिव का फोन टेप हुआ है जो कोई अपराधी नहीं है। इसलिए इस मामले की जांच होनी चाहिए।

आर अशोक पर साधा निशाना

शिवकुमार ने आर.अशोक पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘अशोक ने कहा कि जासूसी के बारे में उन्हें छह महीने पहले से ही पता था। अगर ऐसा था तो उन्होंने इसकी शिकायत क्यों नहीं दर्ज कराई। अब केवल राजनीति के लिए इस तरह की बातें करने का कोई मतलब नहीं है। अशोक केवल राजनीति करना चाहते हैं।’

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned