कांग्रेस विधायकों ने की पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या से गोपनीय मुलाकात

कांग्रेस विधायकों ने की पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या से गोपनीय मुलाकात

Santosh Kumar Pandey | Publish: May, 11 2019 06:01:28 PM (IST) | Updated: May, 11 2019 06:01:29 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या को फिर से मुख्यमंत्री बनाए जाने का बयान देने वाले कांग्रेस के कुछ मंत्रियों एवं विधायकों ने उनसे भेंट कर कई मुद्दों पर चर्चा की है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के 8 से अधिक मंत्री एवं 20 से अधिक विधायकों ने सिद्धरामय्या से गोपनीय मुलाकात की है।

बेंगलूरु. पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या को फिर से मुख्यमंत्री बनाए जाने का बयान देने वाले कांग्रेस के कुछ मंत्रियों एवं विधायकों ने उनसे भेंट कर कई मुद्दों पर चर्चा की है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के 8 से अधिक मंत्री एवं 20 से अधिक विधायकों ने सिद्धरामय्या से गोपनीय मुलाकात की है। इसमें मंत्री जमीर अहमद खान, एम.बी.पाटिल, के.जे.जॉर्ज, सतीश जारकीहोली, पुट्टरंगा शेट्टी, आर.वी.देशपांडे और कृष्णबैरेगौड़ा समेत कई मंत्रियों एवं विधायकों के नामों की
चर्चा है।

सूत्रों का कहना है कि कुंदगोल एवं चिंचोली विधानसभा क्षेत्र उपचुनाव और लोकसभा चुनावों के परिणाम के बाद प्रदेश की राजनीति में होने वाले परिवर्तन पर चर्चा की गई। मंत्रियों और विधायकों ने सिद्धरामय्या को सुझाव दिया कि चुनाव के परिणाम के बाद ८० विधायक रखने वाली कांग्रेस पार्टी को मुख्यमंत्री का पद मिलना चाहिए और इसके लिए जनता दल-एस पर दबाव डाला जाए। जद-एस के समक्ष कांग्रेस के लिए कम से कम २५ मंत्री पद छोडऩेप्रस्ताव रखा जाए।
जनता दल-एस को एक उप मुख्यमंत्री का पद दिया जाए और सिद्धरामय्या फिर से मुख्यमंत्री बनें। मंत्रियों एवं विधायकों की इस गोपनीय मुलाकात को लेकर सियासी हलकों में कई तरह के चर्चे हैं।

सूत्रों के मुताबिक मंत्रियों और विधायकों ने सिद्धरामय्या से कहा कि गठबंधन सरकार में कांग्रेस विधायकों एवं कार्यकर्ताओं की कोई अहमियत नहीं है।

इससे कांग्रेस को कोई लाभ नहीं हो रहा है। गठबंधन धर्म का पालन ही करना है तो मुख्यमंत्री का पद कांग्रेस के पास रहे। जिलों के मंत्रियों, विभिन्न निगमों और बोर्ड के चेयरमैनों को अभी तक कोई अधिकार नहीं दिया गया है। वहीं, विधानसभा चुनाव के बाद केवल ३७ विधायक जीतकर आने वाली जनता दल-एस को मुख्यमंत्री पद किस आधार पर दिया गया।

तुमकूरु के सांसद मुद्दा हनुमेगौड़ा, पूर्व मंत्री चेलुवरायस्वामी और के.एन राजण्णा के भी सिद्धरामय्या से गोपनीय मुलाकात की खबर है। इससे पहले गृह मंत्री एम.बी.पाटिल के बयान के बाद मुख्यमंत्री एच.डी.कुमारस्वामी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडूराव और उप मुख्यमंत्री डॉ.जी.परमेश्वर के सामने नाराजगी जताई थी।

हालांकि गुंडूराव और परमेश्वर दोनों नेताओं ने कांग्रेस के मंत्रियों और विधायकों की जुबान बंद रखने और गठबंधन धर्म का पालन करने के लिए कहा था।

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